युवराज मेहता (27 वर्ष) की मौत सेक्टर-150 में एक पानी से भरे खुले गड्ढे में कार गिरने से हुई थी। घटना के बाद में देरी और प्राधिकरण की लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए और लोकेश एम को पद से हटा दिया गया।
कौन हैं IAS कृष्ण करुणेश?
मूल रूप से बिहार के रहने वाले कृष्ण करुणेश 2011 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने गोरखपुर और बलरामपुर में जिलाधिकारी के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया है। इसके अलावा हापुड़ में भी डीएम रह चुके हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष और मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
उनकी कार्यशैली को कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों में प्रभावी माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में उनकी अनुभव का पूरा फायदा उठाने की योजना है।
यह नियुक्ति नोएडा प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। युवराज मेहता मामले की SIT जांच जारी है और रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है।

