यह पोस्ट X (पूर्व ट्विटर) और यूट्यूब पर शेयर की गई, जिसके बाद हजारों यूजर्स ने इसे नस्लवादी और असंवेदनशील करार दिया। कई लोगों ने थंबनेल पर भी आपत्ति जताई, जिसमें पिछले साल हुई Air India क्रैश की त्रासदी का जिक्र करने वाला इमेज इस्तेमाल किया गया था, जिसे बाद में बदल दिया गया।
विवाद की शुरुआत और प्रतिक्रियाएं
17 जनवरी को अपलोड किए गए व्लॉग में Ikechan फ्लाइट का अनुभव शेयर करती नजर आ रही हैं—इन-फ्लाइट खाना ट्राई करना और यात्रा की झलकियां। यूट्यूब पर वीडियो को 1.22 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि X पर थंबनेल पोस्ट को 15 मिलियन से अधिक व्यूज आए।
सोशल मीडिया पर यूजर्स बंट गए:
• कई भारतीय यूजर्स ने इसे रेसिस्ट बताया। एक यूजर ने लिखा, “भारत आने में समस्या है तो मत आओ, किसी ने जबरदस्ती नहीं की।”
• कुछ ने कहा कि वायरल कंटेंट से प्रभावित होकर भारत के बारे में गलत धारणा बनाई गई है। दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने के कारण यहां अच्छा-बुरा दोनों मिलता है।
• थंबनेल पर खास तौर से गुस्सा— “मूल इमेज से कई लोगों को ठेस पहुंची, बेहतर माफी मांगनी चाहिए थी।”
विवाद भारतीय मीडिया में भी प्रमुखता से छाया। टाइम्स ऑफ इंडिया, टाइम्स नाउ और अन्य पोर्टल्स ने इसे कवर किया, इसे ‘रेसिस्ट कमेंट’ करार दिया।
Ikechan का जवाब
आलोचना बढ़ने पर Ikechan (@ikechan0920) ने एक पोस्ट में सफाई दी: “खास मजबूत इरादा नहीं था, इसलिए पॉइंट आउट किए गए थंबनेल के टेक्स्ट को थोड़ा बदल दिया। वीडियो हमेशा मेहनत से बनाते हैं, इसलिए टुकड़ों से नहीं पूरा देखें। पूरा देखने पर उस देश का आकर्षण समझ आएगा।”
उन्होंने वीडियो डिलीट नहीं किया और कोई औपचारिक माफी नहीं मांगी।
दूसरे जापानी क्रिएटर की आलोचना
एक अन्य जापानी यूट्यूबर @TomomuraYoutube ने Ikechan की निंदा की और भारत का बचाव किया। उन्होंने कहा कि दूसरी नेशनैलिटी को नीचा दिखाने वाला टोन “अत्यधिक असभ्य” है। क्रिएटर्स को अपने कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और व्यक्तिगत फायदे के लिए जापान की छवि खराब नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इसे क्लिकबेट बताया और कहा कि जापान में भी ऐसे विचार स्वीकार नहीं किए जाते।
Ikechan के यूट्यूब पर करीब 7.8 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। यह विवाद ट्रैवल व्लॉगिंग में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और क्लिकबेट के मुद्दे को फिर से उजागर करता है। फिलहाल चर्चा जारी है और कई यूजर्स पूरा वीडियो देखने की सलाह दे रहे हैं।

