नोएडा। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence – DL) बनवाने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के सारथी (Sarathi Parivahan) पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) सहित पूरे यूपी में नियम और प्रक्रिया लगभग समान हैं, हालांकि टेस्ट और अपॉइंटमेंट स्थानीय आरटीओ/एआरटीओ कार्यालय में होते हैं।
सबसे पहले लर्नर लाइसेंस जरूरी
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहले लर्नर लाइसेंस (LL) बनवाना अनिवार्य है। आवेदक को सारथी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण, जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज़ और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड की जाती है। इसके बाद ऑनलाइन फीस जमा कर लर्नर टेस्ट के लिए अपॉइंटमेंट लिया जाता है।
लर्नर टेस्ट कैसे होता है
लर्नर लाइसेंस का टेस्ट कंप्यूटर आधारित होता है। इसमें ट्रैफिक नियम, सड़क संकेत और ड्राइविंग से जुड़े सामान्य सवाल पूछे जाते हैं। नोएडा समेत यूपी के अधिकांश जिलों में यह टेस्ट आरटीओ कार्यालय में तय तारीख को लिया जाता है। टेस्ट पास करने के बाद कुछ ही दिनों में लर्नर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, जिसकी वैधता छह महीने होती है।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन
लर्नर लाइसेंस मिलने के कम से कम 30 दिन बाद और अधिकतम 6 महीने के भीतर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए फिर से सारथी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है और ड्राइविंग टेस्ट के लिए तारीख तय करनी होती है।
नोएडा में ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया
नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में ड्राइविंग टेस्ट अब अधिकतर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर कराया जाता है। यहां आवेदक को तय ट्रैक पर वाहन चलाकर यह साबित करना होता है कि वह वाहन चलाने में सक्षम है।
टेस्ट के दौरान—
गाड़ी पर नियंत्रण
संकेतों का पालन
मोड़, ब्रेक और संतुलन
जैसे बिंदुओं को जांचा जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग ट्रैक होते हैं।
टेस्ट पास होने के बाद क्या होता है
ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद आवेदन को स्वीकृति मिल जाती है। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस को प्रिंट कर डाक के ज़रिए आवेदक के पते पर भेज दिया जाता है। आमतौर पर यह प्रक्रिया 7 से 15 दिनों में पूरी हो जाती है।
यूपी में डिजिटल सुधार और पारदर्शिता
उत्तर प्रदेश सरकार ने दलालों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। नोएडा जैसे बड़े शहरों में सीसीटीवी निगरानी, ऑटोमेटेड ट्रैक और कंप्यूटराइज्ड टेस्ट से मानवीय हस्तक्षेप को कम किया गया है।
फीस और वैधता
ड्राइविंग लाइसेंस की फीस वाहन श्रेणी के अनुसार तय होती है। सामान्य तौर पर दोपहिया और चारपहिया लाइसेंस की वैधता 20 वर्ष या 50 वर्ष की उम्र तक (जो पहले हो) होती है। इसके बाद नवीनीकरण कराना होता है। नोएडा में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान, पारदर्शी और डिजिटल हो चुकी है। अगर आवेदक नियमों का पालन करते हुए सही दस्तावेज़ और तैयारी के साथ आवेदन करता है, तो बिना किसी परेशानी के ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है।

