मतदान प्रतिशत की ताजा स्थिति
दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
• ठाणे और नवी मुंबई: 20%
• नागपुर: 14%
सुबह 9:30 बजे तक मुंबई में करीब 7% और ठाणे में 8% मतदान दर्ज किया गया था। दोपहर 1 बजे के आसपास मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, लेकिन शुरुआत सुस्त रही। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर ईवीएम की शिकायतें आई हैं।
मार्कर पेन विवाद: विपक्ष का गंभीर आरोप
मतदान के दौरान सबसे बड़ा विवाद अमिट स्याही (इंडेलिबल इंक) की जगह मार्कर पेन के इस्तेमाल को लेकर है। विपक्षी नेताओं, खासकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने इसे चुनावी धांधली कराने की साजिश बताया है। राज ठाकरे ने मतदान करने के बाद कहा कि अगर सत्ता धोखे से हासिल की जाएगी तो इसे चुनाव नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्कर पेन से लगाई गई निशानी हैंड सैनिटाइजर, एसिटोन या पानी से आसानी से मिट जाती है, जिससे एक व्यक्ति कई बार वोट डाल सकता है।
शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई और कहा कि कई मतदाताओं ने शिकायत की है कि निशानी आसानी से मिट रही है। कुछ वीडियो और रिपोर्ट्स में दिखाया गया कि मार्कर की निशानी रगड़ने या सैनिटाइजर लगाने से गायब हो जाती है। मनसे उम्मीदवारों और अन्य विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इसे सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को फायदा पहुंचाने की कोशिश बताया।
चुनाव आयोग का जवाब: पुरानी प्रथा, कोई धांधली नहीं
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने स्पष्ट किया कि नगर निकाय चुनावों में 2012 से मार्कर पेन का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अमिट स्याही अनिवार्य है। आयोग का कहना है कि मार्कर पेन साफ-सुथरा, बिना फैले और तेजी से लगाया जा सकता है। कुछ मिनट बाद यह निशानी आसानी से नहीं मिटती। नागपुर (2012) और औरंगजाद (2015) में इसका सफल ट्रायल हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पुरानी प्रथा है और विपक्ष बेवजह बवाल कर रहा है। बीएमसी आयुक्त ने कुछ शिकायतों की जांच की बात कही, लेकिन धांधली की बात से इनकार किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, मार्कर पेन में पानी या अल्कोहल आधारित डाई होती है, जो आसानी से मिट सकती है, जबकि पारंपरिक अमिट स्याही में सिल्वर नाइट्रेट होता है जो त्वचा पर लंबे समय तक रहता है।
चुनाव में महायुति (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) और ठाकरे चचेरे भाइयों (राज और उद्धव) की एकजुटता के बीच कड़ा मुकाबला है। मतगणना कल होने की संभावना है। मतदान समाप्त होने तक प्रतिशत में और इजाफा होने की उम्मीद है।

