गौतमबुद्धनगर में शराब की 25 नई दुकानें: नये वित्तीय वर्ष 2025-26 के आगाज के साथ ही गौतमबुद्धनगर जनपद में शराब की दुकानों की संख्या बढ़कर 526 हो गई है। पिछले वर्ष यह संख्या 501 थी, यानी एक झटके में 25 नई दुकानें और जुड़ गई हैं।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के अनुसार, इन 526 दुकानों में 257 देशी शराब, 241 कंपोजिट (अंग्रेजी शराब व बीयर), 27 मॉडल शॉप और एक भांग की दुकान शामिल है। पिछले वर्ष लॉटरी से ठेका हासिल करने वाले 501 में से 485 ने नई आबकारी नीति के तहत नवीनीकरण करा लिया है, जबकि शेष 16 में से 11 दुकानों के लिए लगभग 1,100 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के अनुसार, नई आबकारी नीति में घर पर एक दिन के अस्थायी लाइसेंस की फीस 4,000 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दी गई है, जिसे पारदर्शिता और सुविधा का कदम बताया गया है। सर्वाधिक चर्चा नोएडा फेज-2 स्थित याकूबपुर गांव की एक दुकान को लेकर है, जहां अकेले 500 से अधिक आवेदन जमा हुए हैं। शेष दुकानों के आवंटन के लिए प्रथम चरण की लॉटरी प्रक्रिया जारी है।
उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2025-26 के तहत अब अंग्रेजी शराब और बीयर की अलग-अलग दुकानों की जगह संयुक्त (कंपोजिट) दुकानें बनाई गई हैं, जिससे दुकानों की संख्या बढ़ाए बिना खुदरा घनत्व में वृद्धि की गई है। नई नीति के तहत जिन कंपोजिट दुकानों का क्षेत्रफल 400 वर्ग फीट या अधिक है, वे मॉडल शॉप में बदली जा सकती हैं, जहां ग्राहक बैठकर शराब का सेवन कर सकेंगे। नई आबकारी नीति में देशी शराब की दुकानों के लिए कोटे में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि कंपोजिट दुकानों की लाइसेंस फीस में करीब 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश स्तर पर नई आबकारी नीति के तहत 55,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 4,000 करोड़ रुपये अधिक है।
विरोध और चिंताएं
दुकानों की बढ़ती संख्या को लेकर सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जनपद में पहले से ही शराब की पहुंच बहुत आसान है और नई दुकानें खुलने से युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ेगा। कुछ लोग इसे शराब के बढ़ावे के रूप में देख रहे हैं, हालांकि प्रशासन इसे नियमन और पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। नई नीति के तहत सभी दुकानों पर दो CCTV कैमरे और जियो-फेंसिंग अनिवार्य होगी तथा दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही खुल सकेंगी। इसके अलावा स्टॉक और बिक्री का दैनिक विवरण आबकारी विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

