ईरान-US युद्ध: मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध की आग में घिर गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने गुरुवार-शुक्रवार को नया रूप ले लिया, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी, जिससे बहरीन में एयर रेड सायरन गूंज उठे और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
घटना का क्रम:
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इन हमलों का मकसद ईरान की नौसैनिक क्षमता को कमजोर करना और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को रोकना था। ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को ‘अनधिकृत जहाजों’ के लिए बंद घोषित कर दिया था, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली। बहरीन के इंटीरियर मिनिस्ट्री ने सायरन बजने की पुष्टि की और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। कुवैत की सेना ने मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने की बात कही, जबकि एक व्यक्ति घायल होने की खबर है।
क्षेत्रीय प्रभाव:
बहरीन: US नेवी की 5th फ्लीट का मुख्यालय यहां है। कई बार सायरन बजने और इंटरसेप्शन की खबरें आईं। मनामा और मुहर्रक इलाकों में ड्रोन हमलों और मलबे की रिपोर्ट।
कुवैत और कतर: अमेरिकी बेस टारगेट। कतर में अल उदीद एयर बेस प्रभावित होने की आशंका।
जॉर्डन: मुवाफक सल्ती एयर बेस पर मिसाइलें दागी गईं, एयर डिफेंस सक्रिय।
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि US ठिकानों पर 85 से ज्यादा हमले किए गए। अमेरिकी हमलों में ईरान के दक्षिणी तट पर बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार आदि इलाकों में विस्फोट और बिजली कटौती की खबरें हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमलों में 17 मौतें और 115 घायल हुए।
पृष्ठभूमि:
यह तनाव अप्रैल 2025 से चल रही परमाणु वार्ताओं के बीच बढ़ा। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हॉर्मुज में जहाजों पर हमले का आरोप लगाया और स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सैन्य कार्रवाई की। ईरान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताता है। पिछले दिनों में US ने 170 से ज्यादा टारगेट हिट किए, जबकि ईरान ने रिटॉरिएशन में खाड़ी सहयोगियों को निशाना बनाया।
वैश्विक चिंताएं:
हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। बंदी की घोषणा से तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका है। सऊदी अरब और अन्य अरब देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की और संयम की अपील की। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
विश्लेषण:
यह संघर्ष युद्धविराम समझौते को लगातार तोड़ रहा है। अमेरिका का कहना है कि हमले ‘ईरानी बलों को जवाबदेह’ बनाने के लिए हैं, जबकि ईरान ‘चुस्त जवाब’ देने की धमकी दे रहा है। क्षेत्र में US सहयोगी देशों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। स्थिति तेजी से बदल रही है। स्रोतों के अनुसार, दोनों पक्षों में और हमलों की आशंका बनी हुई है। वैश्विक समुदाय शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहा है, लेकिन हॉर्मुज पर नियंत्रण की लड़ाई आगे बढ़ सकती है।

