महागुन मीडोज सेक्टर में हंगामा: सैलरी न मिलने पर सिक्योरिटी गार्ड्स ने किया भारी विरोध, सोसाइटी गेटों पर तालाबंदी; निवासियों में दहशत, बिल्डर की मनमानी का आरोप

महागुन मीडोज सेक्टर में हंगामा: ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के करीब स्थित महागुन मीडोज सेक्टर 150 में एक बार फिर बिल्डर-निवासी विवाद सुर्खियों में है। सिक्योरिटी गार्ड्स को कई महीनों से सैलरी न मिलने के कारण उन्होंने सोसाइटी के मुख्य गेटों पर तालाबंदी कर दी। इससे पूरे परिसर में हड़ताल जैसी स्थिति बन गई और निवासी घंटों तक अंदर-बाहर नहीं जा सके।

विरोध का कारण और घटनाक्रम

सोसाइटी के सिक्योरिटी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर या रखरखाव एजेंसी द्वारा उनके वेतन कई महीनों से लंबित हैं। गार्डों की संख्या करीब 40-50 बताई जा रही है, जिन्होंने सुबह से गेट बंद करके प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “हम लगातार काम कर रहे हैं लेकिन वेतन नहीं मिल रहा। परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।” यह घटना महागुन ग्रुप की कई परियोजनाओं में चल रही समस्याओं की कड़ी लगती है। पहले महागुन माइवुड्स आदि में भी इसी तरह के गार्ड विरोध और रखरखाव एजेंसी बदलाव के कारण हड़तालें हुई हैं।

निवासियों की पीड़ा: डर का माहौल

सोसाइटी निवासियों ने बताया कि बिल्डर के रवैए से वे काफी परेशान हैं। लिफ्टों की खराब स्थिति, सुरक्षा कर्मियों की कमी, कूड़ा न उठना और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी आम शिकायतें हैं। कई निवासियों का आरोप है कि बिल्डर की ओर से धमकियां दी जा रही हैं और मनमानी हो रही है। एक निवासी ने कहा, “सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। गार्डों के बिना सोसाइटी में डर का माहौल है। बच्चों की सुरक्षा, महिलाओं की आवाजाही सब प्रभावित हो रहा है। बिल्डर केवल पैसे लेता है, लेकिन जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता।” महागुन मीडोज में पहले भी देरी, पेनाल्टी भुगतान न करने और RERA से एक्सटेंशन लेने जैसे मुद्दे उठ चुके हैं। निवासी संघर्ष कर रहे हैं कि प्रोजेक्ट की डिलीवरी और पोस्ट-पजेशन रखरखाव सही ढंग से हो।

महागुन ग्रुप पर पुराने आरोप

महागुन ग्रुप की कई सोसाइटियों (माइवुड्स, मॉडर्न आदि) में निवासी प्रदर्शन हो चुके हैं। मुद्दे शामिल हैं, सुरक्षा और लिफ्ट सुविधाओं की अनदेखी, बिजली बिल, सीवरेज और पावर बैकअप की समस्याएं, रखरखाव चार्जेस में मनमानी, बकाया वेतन के कारण स्टाफ हड़ताल, स्थानीय प्रशासन और RERA से शिकायतें की गई हैं, लेकिन समाधान में देरी हो रही है।

वर्तमान स्थिति

अभी तक बिल्डर की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गार्डों का प्रदर्शन जारी है और निवासी प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। पुलिस और GNIDA अधिकारियों को सूचित किया गया है। यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर की व्यापक समस्या को उजागर करती है, जहां बिल्डर-निवासी-स्टाफ त्रिकोण में विश्वास की कमी गहरी होती जा रही है। निवासियों की मांग है कि बिल्डर जिम्मेदारी ले, बकाया चुकाए और सुविधाएं बहाल करे। आगे की जानकारी और आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए स्थानीय न्यूज और प्रशासनिक चैनल्स पर नजर रखें। प्रभावित निवासी RERA पोर्टल या GNIDA में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह खबर निवासियों की आवाज को मजबूती देने और जिम्मेदार बिल्डर प्रैक्टिस की मांग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

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