कारण और संदर्भ: बढ़ोतरी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ता संघर्ष और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल बताया जा रहा है। ब्रेंट क्रूड $112-116 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे डिलीवरी पार्टनर्स के लिए फ्यूल खर्च बढ़ गया है। ज़ोमैटो ने इस लागत को कुछ हद तक यूजर्स पर पास करने का फैसला किया है, लेकिन यह केवल प्लेटफॉर्म फी पर लागू है – डिलीवरी फी, रेस्टोरेंट चार्ज और GST अलग से लगते हैं। प्रतिद्वंद्वी स्विगी वर्तमान में प्रति ऑर्डर ₹14.99 (GST सहित) प्लेटफॉर्म फी ले रहा है, जो दोनों कंपनियों की समान ट्रेंड को दर्शाता है।
उपयोगकर्ताओं पर असर: एक औसत ऑर्डर (₹500-600) पर कुल बिल में ₹2-3 की बढ़ोतरी होगी। यूजर्स पहले से ही कई चार्जेस (डिलीवरी फी, GST, पैकेजिंग, टिप) से परेशान हैं। सोशल मीडिया पर शिकायतें बढ़ रही हैं कि “फूड ऑर्डर महंगा हो रहा है”।
नई प्रतिस्पर्धा: बेंगलुरु में रैपिडो ने अपना फूड डिलीवरी सर्विस Ownly लॉन्च किया है, जो ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स से कोई अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फी नहीं लेता – केवल डिलीवरी फी। यह ज़ोमैटो और स्विगी पर दबाव बढ़ा सकता है, खासकर जब यूजर्स “मल्टीपल चार्जेस” से तंग आ चुके हैं।
प्लेटफॉर्म फी का इतिहास:
अगस्त 2023 में शुरू: ₹2 प्रति ऑर्डर
2024-2025 में कई बार बढ़ोतरी: ₹6 → ₹10 → ₹12 → ₹12.50
अब मार्च 2026 में: ₹14.90 (GST से पहले)
ज़ोमैटो ने कहा है कि यह फी “सर्विसेज बनाए रखने” और प्रॉफिटेबिलिटी के लिए जरूरी है। कंपनी Q1 FY26 में प्लेटफॉर्म फी से अच्छी कमाई कर रही है, लेकिन यूजर्स की नाराजगी बढ़ रही है। यदि क्रूड कीमतें और बढ़ती हैं तो आगे डिलीवरी फी या अन्य चार्जेस में भी बदलाव संभव है। उपभोक्ता ऐप पर नए रेट्स चेक कर सकते हैं और स्विच करने के विकल्प तलाश रहे हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है।

