मोदी मॉडल को अपना रहे हैं योगी: सिंगापुर और जापान दौरे से यूपी के लिए जुटा रहे अरबों का निवेश

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक शैली की एक खास पहचान रही है — विदेश दौरों को केवल राजनयिक औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए उन्हें भारत में निवेश आकर्षित करने के शक्तिशाली माध्यम के रूप में उपयोग करना। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ठीक इसी राह पर चलते नजर आ रहे हैं। सिंगापुर और जापान के अपने ताजा दौरे में सीएम योगी ने वहां के शीर्ष उद्योगपतियों, निवेशकों और कंपनियों से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।

मोदी मॉडल को अपना रहे हैं योगी

प्रधानमंत्री मोदी जब भी किसी देश का दौरा करते हैं, तो वे वहां के उद्योग जगत के दिग्गजों से मिलकर भारत में निवेश की संभावनाएं तलाशते हैं। चाहे वह जापान हो, अमेरिका हो, यूएई हो या यूरोप — पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का एक अहम एजेंडा हमेशा आर्थिक कूटनीति रहा है। इसी सोच को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य स्तर पर अपनाया है। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और संभावनाओं से भरे राज्य को वैश्विक निवेश के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सक्रिय और आक्रामक विदेश नीति जरूरी है।

सिंगापुर दौरा: एशिया के वित्तीय हब से जोड़ा यूपी को

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंगापुर एशिया का सबसे बड़ा वित्तीय और व्यापारिक केंद्र है और यहां की कंपनियां भारत में निवेश के लिए हमेशा सक्रिय रहती हैं। सीएम योगी ने सिंगापुर में शीर्ष व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने यूपी में बेहतर होती कानून व्यवस्था, विकसित होते एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों को निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा।

जापान दौरा: टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग का नया द्वार

जापान दौरे में सीएम योगी ने वहां की प्रमुख कंपनियों और औद्योगिक संगठनों से भेंट की। जापान तकनीक, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विश्व का अग्रणी देश है। सीएम योगी ने जापानी निवेशकों को यूपी में स्थापित हो रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और नोएडा-ग्रेटर नोएडा जैसे विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी दी। जापानी कंपनियों की रुचि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में विशेष रूप से देखी गई।

यूपी को बनाना है एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

सीएम योगी का यह विदेश दौरा उनके उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है, जिसमें वे उत्तर प्रदेश को देश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इसके लिए घरेलू निवेश के साथ-साथ विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को आकर्षित करना अनिवार्य है। पिछले कुछ वर्षों में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए थे, और इन विदेश दौराें का उद्देश्य उन प्रस्तावों को धरातल पर उतारना और नए निवेश के रास्ते खोलना है।

बदल रही है यूपी की छवि

कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से उभरते निवेश गंतव्यों में शामिल हो चुका है। सीएम योगी के नेतृत्व में राज्य में कानून व्यवस्था में आमूल सुधार, बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क, उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां और भ्रष्टाचार पर अंकुश जैसे कदमों ने विदेशी निवेशकों का ध्यान खींचा है। अब सीएम योगी की यह विदेश यात्रा यूपी की बदलती छवि को वैश्विक मंच पर और मजबूती से स्थापित करने का काम कर रही है। निश्चित रूप से, पीएम मोदी की आर्थिक कूटनीति से प्रेरणा लेते हुए सीएम योगी जिस तरह से यूपी को एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, वह न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।

 

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