यमुना प्राधिकरण का मास्टर प्लान 2041ः 4000 हेक्टेयर में विकसित होगा हाथरस अर्बन सेंटर, इन गांव वालों की आएंगी मौज

यमुना प्राधिकरण का मास्टर प्लान 2041ः 4000 हेक्टेयर में विकसित होगा हाथरस अर्बन सेंटर, इन गांव वालों की आएंगी मौज

YEIDA News। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने हाथरस अर्बन सेंटर के विकास कार्य की शुरूआत की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मास्टर प्लान 2041 तैयार करने के लिए प्राधिकरण ने कंपनी का चयन कर लिया है। इस योजना के तहत करीब 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। हाथरस जिले के किसानों की मौज आने वाली है। यहां जमीनों के रेट बढेगे। प्राधिकरण जिन किसानों की जमीन लेगा उन्हे मुआवजा दिया जाएगा।

अफसरों का दावा
यमुना प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक, कंपनी नौ महीने के भीतर महायोजना तैयार कर ड्राफ्ट प्राधिकरण को सौंपेगी। इसके बाद शासन और प्राधिकरण के बोर्ड से मंजूरी लेकर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, वित्तीय बिड में तीन कंपनियों ने भाग लिया था आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट, एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया और गरूड़ा यूएवी सॉफ्टसॉल्यूशंस। तकनीकी बिड में सफल रहने के बाद, वित्तीय आकलन के आधार पर आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को महायोजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। कंपनी महायोजना तैयार करने के साथ-साथ विकास कार्य में तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगी।

हाथरस और सासनी के गांवों की ली जाएगी जमीन
हाथरस और सासनी के गांवों की जमीनों को शामिल कर यह अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। योजना में हरित क्षेत्र को 15ः से अधिक रखने के साथ सड़क नेटवर्क पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शुरूआती योजना में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक ईकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक भूखंड और आवासीय संपत्तियों का विकास भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार औद्योगिक शहर विकसित करने से हाथरस को प्रमुख औद्योगिक शहर बनाने में मदद मिलेगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी सीधी कनेक्टिविटी
अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हाथरस अर्बन सेंटर की कनेक्टिविटी नोएडा एयरपोर्ट से होगी। इसके लिए जरूरी सड़क नेटवर्क की योजना भी कंसल्टेंट कंपनी तैयार करेगी। इसके अलावा यह अर्बन सेंटर यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा रहेगा। वर्तमान में यह क्षेत्र आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, बरेली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग-एसएच 33 से जुड़ा हुआ है।

कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा महत्व
महायोजना में कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा सकती है। हाथरस और आसपास के क्षेत्र कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। यहां कोल्ड स्टोर, डेयरी प्लांट, होजरी यूनिट, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसी स्थानीय इकाइयों को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही हाथरस की विशेष पहचान हींग और गुलाल के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की संभावना है।

 

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