नोएडा | आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के गौरवशाली अवसर पर पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा का एक बुलंद संदेश दिया गया। उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के अंतर्गत, नोएडा पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों पर एक भव्य स्कूटी एवं पैदल रैली का आयोजन किया।
कमिश्नर के निर्देशन में ‘शक्ति’ का प्रदर्शन
पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर, लक्ष्मी सिंह के कुशल निर्देशन में आयोजित इस रैली का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना और समाज को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। रैली का सफल नेतृत्व अपर पुलिस उपायुक्त (नोएडा), मनीषा सिंह द्वारा किया गया।
नोएडा स्टेडियम से गूंजा सशक्तिकरण का शंखनाद
रैली का औपचारिक शुभारंभ नोएडा स्टेडियम के गेट नंबर-04 से हुआ। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
- स्कूटी मार्च: महिला पुलिसकर्मियों ने स्कूटी पर सवार होकर शहर के विभिन्न चौराहों और मार्गों का भ्रमण किया।
- पैदल मार्च: अनुशासन और संकल्प के साथ महिला कर्मियों ने पैदल मार्च निकालकर आमजन को जागरूक किया।
सुरक्षा और स्वावलंबन के प्रति प्रतिबद्धता
रैली के दौरान नोएडा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित परिवेश प्रदान करने का एक निरंतर संकल्प है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को विभिन्न आपातकालीन सेवाओं और शासन द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में सहायता तुरंत पहुंच सके:
| सेवा | हेल्पलाइन नंबर |
|---|---|
| महिला हेल्पलाइन | 1090 |
| आपातकालीन सेवा | 112 |
| मुख्यमंत्री हेल्पलाइन | 1076 |
| साइबर हेल्पलाइन | 1930 |
| चाइल्ड हेल्पलाइन | 1098 |
| वन स्टॉप सेंटर | 181 |
एक सकारात्मक पहल
आयोजन के अंत में अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस पहल ने न केवल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया, बल्कि ‘नारी शक्ति’ के प्रति समाज में एक नई और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।

