‘श्वेत कॉलर’ आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश

Jammu and Kashmir Pulwama News: दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोटक हमले की जांच में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के एक और डॉक्टर, सजाद मलिक को हिरासत में ले लिया। इससे दिल्ली धमाके से जुड़े कश्मीरी मूल के डॉक्टरों की संख्या चार हो गई है। जांच एजेंसियां अब एक बड़े ‘श्वेत कॉलर’ (व्हाइट-कॉलर) आतंकी तंत्र का पर्दाफाश करने में जुटी हैं, जिसमें शिक्षित पेशेवरों और छात्रों को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के जरिए रेडिकलाइज किया जा रहा था।

यह धमाका रेड फोर्ट के बाहर एक हुंडई i20 कार में विस्फोट से हुआ था, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हुए। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से पता चला है कि कार को डॉ. उमर उल नबी दार चला रहे थे, जो पुलवामा के लेथपोरा के रहने वाले हैं। डॉ. उमर अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में कार्यरत थे और धमाके के समय मौके पर ही मारे गए। जांचकर्ताओं का मानना है कि सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद घबरा गए डॉ. उमर ने ही वाहन में छिपे विस्फोटकों को सक्रिय किया।

जांच का सफर
यह सिलसिला 19 अक्टूबर को श्रीनगर के बुनपोरा नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पोस्टर मिलने से शुरू हुआ। इन पोस्टरों में सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने श्रीनगर, फरीदाबाद, सहारनपुर और अन्य जगहों पर छापेमारी की। परिणामस्वरूप 2,900 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक, AK-47 राइफलें, पिस्तौलें, टाइमर, रिमोट कंट्रोल और बम बनाने की सामग्री बरामद हुई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब मामले की कमान संभाल ली है। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल JeM और अल-कायदा से जुड़े अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) का हिस्सा था। सोशल मीडिया, टेलीग्राम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए फंडिंग, हथियारों का लेन-देन और रिक्रूटमेंट हो रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह ‘श्वेत कॉलर’ आतंकी इकोसिस्टम है, जहां डॉक्टर और इंजीनियर जैसे पेशेवर लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल भूमिकाओं में लगे थे। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार भेजे जा रहे थे।”

संदिग्ध डॉक्टरों का नेटवर्क
पुलवामा से जुड़े डॉक्टरों का नाम सामने आने से जांच तेज हो गई है। मुख्य संदिग्धों में शामिल हैं:
1. डॉ. मुजम्मिल गनाई (उपनाम मुसाइब): पुलवामा के कोइल के 35 वर्षीय डॉक्टर। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल में कार्यरत। फरीदाबाद के धौज में उनके किराए के घर से 358 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, क्रिंकोव असॉल्ट राइफल, पिस्तौल और बम सामग्री बरामद। वे डॉ. उमर और डॉ. अदील के साथ काम करते थे।

2. डॉ. अदील अहमद राथर: कुलगाम के रहने वाले। सहारनपुर से गिरफ्तार। जीएमसी श्रीनगर के लॉकर से AK-47 बरामद। फरीदाबाद मॉड्यूल में शामिल।

3. डॉ. शाहीन सईद: लखनऊ की महिला डॉक्टर और डॉ. मुजम्मिल की कथित गर्लफ्रेंड। JeM की महिलाओं के विंग ‘जमात-उल-मोमिनात’ को भारत में स्थापित करने की जिम्मेदारी। गिरफ्तारी के बाद उनकी कार से असॉल्ट राइफल बरामद।

4. डॉ. उमर मोहम्मद (उल नबी दार): पुलवामा के लेथपोरा के। धमाके में मारे गए। कार उनके नाम पर रजिस्टर्ड थी। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहकर्मी।

5. डॉ. सजाद अहमद मलिक (या सजाद मल्ला): पुलवामा के बांदजू के। MBBS और MD डिग्री धारक। डॉ. उमर के करीबी दोस्त। पूछताछ के लिए हिरासत में। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि वे सिर्फ सूचना दे रहे थे या साजिश में शामिल।

इसके अलावा, हैदराबाद के डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सईद को गुजरात ATS ने 8 नवंबर को गिरफ्तार किया। उनके पास ग्लॉक पिस्तौलें, बेरेता, राइसिन जहर का मिश्रण और ड्रोन से आए हथियार बरामद। वे ISKP के हैंडलर अबू खदीजा से जुड़े थे।

पुलवामा में सनसनी
पुलवामा के कोइल और बांदजू गांवों में हड़कंप मच गया। डॉ. उमर के घर से उनकी मां शमीमा बेगम को डीएनए टेस्ट के लिए ले जाया गया। उनके पिता गुलाम नबी, भाई और अन्य रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय लोग सदमे में हैं, लेकिन जांच एजेंसियां दावा कर रही हैं कि यह नेटवर्क गहरा था। एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर को डॉ. मुजम्मिल के ‘सामान’ (विस्फोटक) ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली, लखनऊ और पुलवामा में हाई अलर्ट जारी किया है। जांच जारी है, और अधिक गिरफ्तारियां संभावित हैं। यह मामला अब ऑपरेशन सिंदूर के बाद JeM की नई साजिश का रूप ले चुका है, जो दिल्ली सहित उत्तरी राज्यों में सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहा था।

यहां से शेयर करें