“Whatever had to happen has happened”: शव के साथ बनाया शरीरिक सम्बन्ध, इंदौर में गर्लफ्रेंड की हत्या पर आरोपी पियूष धामनोटिया ने मुस्कुराते हुए कहा, मोटिव बताने से इनकार, आत्मा बुलाने की कोशिश

“Whatever had to happen has happened”: इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में 10 फरवरी को 24 वर्षीय एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी 25 वर्षीय पियूष धामनोटिया (मंदसौर निवासी) ने आज कोई पछतावा नहीं जताया। मीडिया से बात करते हुए वह मुस्कुराते हुए बोला, “जो होना था हो गया। भूल जाओ सब कुछ। जानकर क्या करोगे?” जब और पूछा गया तो उसने ठंडी नजरों से घूरा और कहा, “समय आने पर सबको बता दूंगा।” पुलिस उसे स्थानीय थाने से जेल ले जा रही थी।

यह बयान उन चौंकाने वाले खुलासों के बाद आया है जिनमें आरोपी ने न सिर्फ प्रेमिका का गला घोंटा, बल्कि मौत के बाद शव का यौन शोषण (नेचरोफिलिया) किया, शव के बगल में शराब पिया और छुरा घोंपा। पड़ोसियों की शिकायत पर 13 फरवरी को जब पुलिस ने कमरा तोड़ा तो नंगी और सड़ चुकी लाश बिस्तर पर पड़ी थी। गले पर रस्सी के निशान साफ दिख रहे थे। घटना की पूरी कहानी
पीड़िता और पियूष एक ही कॉलेज के एमबीए के दूसरे वर्ष के छात्र थे। दोनों में एक साल से रिलेशनशिप थी और शादी को लेकर बार-बार झगड़े होते थे। पीड़िता शादी की जिद कर रही थी, जबकि पियूष को शक था कि वह दूसरे लड़कों से बात करती है। 10 फरवरी को पियूष ने बहस सुलझाने के नाम पर पीड़िता को अपने किराए के फ्लैट में बुलाया।

पुलिस पूछताछ के अनुसार:
पियूष ने पहले से यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाइयां खरीदी थीं। पीड़िता ने बीमार होने का हवाला देकर शारीरिक संबंध बनाने से मना किया, लेकिन पियूष ने जबरदस्ती की। उसके बाद उसने ‘गिफ्ट दूंगा’ का बहाना बनाकर हाथ-पैर बांध दिए, आंखों पर पट्टी बांध दी। जब पीड़िता विरोध करने लगी तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके सीने पर बैठकर रस्सी से गला घोंट दिया। मौत के बाद उसने छाती के पास चाकू घोंपा (चाकू टूट गया), शव के पास ही शराब पी और फिर यौन शोषण किया। फिर कपड़े बदलकर बैग लेकर फरार हो गया। पियूष ने पीड़िता के फोन से कॉलेज ग्रुप में आपत्तिजनक वीडियो भेजे ताकि उसका चरित्र हनन हो और शक उससे हटे। वह ट्रेन से पनवेल (महाराष्ट्र) पहुंचा, वहां यूट्यूब पर ‘आत्मा से बात कैसे करें’, ‘तांत्रिक क्रिया’ सर्च किया और काला जादू करने की कोशिश की। इसके बाद मुंबई के अंधेरी पहुंचा जहां 14 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस और परिवार की प्रतिक्रिया
द्वारकापुरी पुलिस स्टेशन की महिला सब-इंस्पेक्टर आरोपी का बयान दर्ज करते समय रो पड़ीं। पूछताछ में पियूष ने खुद कबूल किया कि वह शव के पास दो दिन से ज्यादा रहा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूत (सीडीआर, फोरेंसिक) की जांच चल रही है। आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पीड़िता के पिता ने बताया कि बेटी तनाव में थी, उसे ऑब्सीन वीडियो भेजकर ब्लैकमेल किया जा रहा था और आरोपी उसके कॉलेज फीस भी मांगता था। आरोपी के परिवार को पीड़िता के घर आने-जाने की जानकारी थी।

आरोपी का मानसिक हाल
पूछताछ में पियूष ने बताया कि वह आत्महत्या करने गया था—ट्रेन के सामने खड़ा हुआ लेकिन डर के मारे पीछे हट गया। वह कहता है कि अब वह मरना चाहता है ताकि पीड़िता की आत्मा से मिल सके। पुलिस उसे मानसिक रूप से अस्थिर मान रही है।
यह मामला इंदौर में एक बार फिर नाबालिगों-युवाओं के रिश्तों, जल्दबाजी में शारीरिक संबंध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पीड़िता परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि आरोपी का बयान पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

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