water bill: नोएडा। नोएडा में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,290.76 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इसमें 10,004.58 करोड़ रुपये के भुगतान का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि बीते वित्तीय वर्ष में 9,008.26 करोड़ रुपये की अपेक्षा के मुकाबले 6,589.35 करोड़ रुपये का ही राजस्व प्राप्त हो सका।
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सोमवार को आयोजित प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक दीपक कुमार (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं चेयरमैन) की अध्यक्षता में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि अमिताभ कांत की सिफारिशों के आधार पर चिन्हित 57 बिल्डर परियोजनाओं में से 36 परियोजनाएं लाभ ले चुकी हैं, जो कुल का लगभग 60 प्रतिशत है।
फ्लैट बायर्स को राहत देते हुए अब तक 4,364 खरीदारों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है, जिससे प्राधिकरण को 872.12 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। भवन विनियमावली 2016 में संशोधन की मांग को देखते हुए ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
नोएडा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सभी श्रेणियों के बकायेदारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना-2026 लाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। यह योजना ग्रुप हाउसिंग, आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक और आईटी/आईटीईएस सहित सभी विभागों पर लागू होगी।
वाटर बिल बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए तीन माह की एमनेस्टी योजना लागू की गई है। इसके तहत 16 अप्रैल से 15 मई तक भुगतान करने पर ब्याज में 40 प्रतिशत, 16 मई से 15 जून तक 30 प्रतिशत और 16 जून से 15 जुलाई तक 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा मिश्रित भू-उपयोग (मिक्स लैंड यूज) के लिए कन्वर्जन चार्ज को मंजूरी दी गई है। आवासीय भूखंडों पर वाणिज्यिक उपयोग के लिए दरों के अंतर का 50 प्रतिशत और औद्योगिक भूखंडों पर 25 प्रतिशत शुल्क एकमुश्त लिया जाएगा।
शहर में प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर कंपनियों का चयन किया जाएगा।
वहीं, सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए 107.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें 86 करोड़ रुपये से सिविल कार्य कराए जाएंगे, जिसके लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को फंड जारी कर दिया गया है।
प्राधिकरण के इन फैसलों को शहर के विकास, बुनियादी ढांचे में सुधार और आम लोगों को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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