Venezuela Operation Absolute Resolve: न्यूयॉर्क कोर्ट में पेशी के बाद नहीं ठहराए गए दोषी; अमेरिका कुछ समय तक चलाएगा देश

Venezuela Operation Absolute Resolve: अमेरिकी सेना की एक साहसिक सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को 3 जनवरी को काराकास से गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया था। यह ऑपरेशन “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम से चलाया गया, जिसमें डेल्टा फोर्स की टीमें शामिल थीं। मादुरो दंपति पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के गंभीर आरोप हैं।

कोर्ट में पेशी और मादुरो का बयान
5 जनवरी को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में पहली पेशी के दौरान मादुरो ने खुद को “निर्दोष” बताया और कहा कि अमेरिका ने उन्हें “अपहरण” किया है। उन्होंने खुद को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति बताया। दोनों ने सभी आरोपों से इनकार किया। अगली सुनवाई 17 मार्च को तय की गई है। अदालत के बाहर मादुरो समर्थक और विरोधी दोनों प्रदर्शन कर रहे थे।

ट्रंप का बयान: अमेरिका संभालेगा प्रशासन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को “कुछ समय तक” चलेगा ताकि देश को “स्वास्थ्य की स्थिति” में लाया जा सके। उन्होंने चुनाव की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि अभी चुनाव कराना संभव नहीं है। ट्रंप ने यह भी धमकी दी कि यदि अंतरिम नेतृत्व सहयोग नहीं करता तो आगे सैन्य कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने ऑपरेशन को “शानदार” बताया और कहा कि यह ड्रग तस्करी और अपराधियों के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है।

वेनेजुएला में नया नेतृत्व
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम नेता नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मादुरो की गिरफ्तारी को “अपहरण” करार दिया। काराकास में कुछ जगहों पर गोलीबारी की खबरें हैं, लेकिन सरकार सामान्य रूप से काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिक्रियाएं
• संयुक्त राष्ट्र: सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की। इसे संप्रभु देश में हस्तक्षेप बताया गया।
• कोलंबिया: राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वे फिर से हथियार उठा सकते हैं।
• विपक्ष: विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने मादुरो की गिरफ्तारी का स्वागत किया और जल्द वेनेजुएला लौटने की योजना बताया। उन्होंने ट्रंप की तारीफ की, हालांकि ट्रंप ने पहले कहा था कि माचाडो को देश में पूरा सम्मान नहीं मिला है।
• अमेरिकी कांग्रेस: स्पीकर माइक जॉनसन ने ऑपरेशन का बचाव किया, जबकि विपक्षी नेता चक शूमर ने कहा कि कांग्रेस की पूर्व अनुमति जरूरी थी।
• जनमत सर्वेक्षण: वॉशिंगटन पोस्ट के एक सर्वे में अमेरिकी जनता लगभग बराबर बंटी हुई है—40% ने ऑपरेशन को समर्थन दिया, 42% ने विरोध। 63% मानते हैं कि कांग्रेस की मंजूरी जरूरी थी।

यह घटना लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जो इराक आक्रमण (2003) के बाद की सबसे साहसिक मानी जा रही है। विश्व समुदाय बारीकी से नजर रखे हुए है कि वेनेजुएला का भविष्य क्या होगा।

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