सर्जियो गोर ने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत को इस समूह में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।” पैक्स सिलिका की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी, जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और नीदरलैंड्स जैसे देश शामिल हैं। हाल ही में कतर और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें जुड़ रहे हैं। यह पहल चीन पर निर्भरता कम करने और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए है।
व्यापार समझौते पर नई वार्ता
राजदूत गोर ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताकार मंगलवार (13 जनवरी) को फिर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा, “व्यापार हमारे संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे।” उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा, “सच्चे दोस्त मतभेद रख सकते हैं, लेकिन वे हमेशा उन्हें सुलझाते हैं।” अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के ‘पारस्परिकता’ वाले बयान का हवाला देते हुए गोर ने निष्पक्ष व्यापार और साझा सुरक्षा पर जोर दिया।
ट्रंप-मोदी की दोस्ती का जिक्र
सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती को याद किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने 2020 में भारत यात्रा के अनुभव साझा किए और उम्मीद जताई कि ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत आएंगे। गोर ने भारत को अमेरिका का ‘सबसे आवश्यक साझेदार’ बताया और संबंधों को नए स्तर पर ले जाने का संकल्प जताया।
गोर पिछले शुक्रवार रात भारत पहुंचे थे और इस सप्ताह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय-पत्र सौंपेंगे। वे राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों में डिग्री प्राप्त अमेरिकी व्यवसायी हैं और ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
यह घोषणा भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पैक्स सिलिका में शामिल होने से सेमीकंडक्टर और AI क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक तकनीकी भू-राजनीति में भारत की भूमिका बढ़ेगी।

