UPSC Civil Services Exam 2026: प्रमुख करंट अफेयर्स – यूपीएससी प्रीलिम्स और मेन्स के लिए महत्वपूर्ण अपडेट

UPSC Civil Services Exam 2026: नए साल के शुरुआती दिनों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए बेहद प्रासंगिक हैं। भारत-जर्मनी संबंधों में नई मजबूती, इसरो की लगातार दूसरी पीएसएलवी असफलता, दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण के सख्त कदम और वैश्विक ऊर्जा बाजार में वेनेजुएला के कच्चे तेल की चर्चा प्रमुख रही। यहां प्रमुख खबरों का संक्षिप्त विश्लेषण:

1. भारत-जर्मनी संबंधों में नई ऊंचाई: 19 समझौते, वीजा-फ्री ट्रांजिट और रक्षा सहयोग
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्स की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, उच्च शिक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर 19 समझौते और संयुक्त घोषणाएं कीं।
महत्वपूर्ण बिंदु:
• भारतीय यात्रियों के लिए जर्मनी में ट्रांजिट वीजा-फ्री व्यवस्था की घोषणा।
• रक्षा क्षेत्र में को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के लिए रोडमैप।
• द्विपक्षीय व्यापार 2024 में रिकॉर्ड 50 बिलियन डॉलर से अधिक, जो भारत-ईयू व्यापार का 25% है।
• इंडो-पैसिफिक में संयुक्त संवाद तंत्र और इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को शीघ्र पूरा करने पर जोर।
यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष के संदर्भ में हुई। यूपीएससी के लिए प्रासंगिक: द्विपक्षीय संबंध, ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस में सुधार (UNSC रिफॉर्म्स में G4 की भूमिका) और इंडो-पैसिफिक रणनीति।

2. इसरो को बड़ा झटका: पीएसएलवी-सी62 मिशन असफल, लगातार दूसरी फेल
इसरो की वर्ष की पहली उड़ान पीएसएलवी-सी62 सोमवार को असफल रही। रॉकेट निर्धारित कक्षा में नहीं पहुंच सका, जिससे पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-N1 सहित 16 पेलोड (ब्राजील और नेपाल के 8 सहित) नष्ट हो गए।
• समस्या तीसरे चरण में आई, ठीक वैसी ही जैसे मई 2025 की पीएसएलवी-सी61 मिशन में।
• पीएसएलवी इसरो का सबसे विश्वसनीय लॉन्च व्हीकल है (105 में से 65 लॉन्च), लेकिन लगातार दो असफलताएं चिंता का विषय।
• व्यावसायिक लॉन्च पर असर पड़ सकता है।
यूपीएससी के लिए प्रासंगिक: अंतरिक्ष तकनीक में स्वदेशीकरण, इसरो की उपलब्धियां और चुनौतियां (GS-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)।

3. दिल्ली में गैर-बीएस-वीआई वाहनों पर प्रवेश प्रतिबंध: प्रदूषण नियंत्रण में सख्ती
दिल्ली सरकार ने पिछले महीने बाहर से आने वाले गैर-बीएस-वीआई निजी वाहनों पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया। शहर में केवल वैध PUCC वाले वाहनों को ही ईंधन मिलेगा। दिल्ली में 41 लाख से अधिक पुराने दोपहिया और 25 लाख से अधिक BS-III वाहन अभी भी चल रहे हैं।
भारत स्टेज (BS) मानक क्या हैं?
• वाहनों से निकलने वाले प्रदूषकों (CO, HC, NOx, PM) की सीमा निर्धारित करते हैं।
• BS-VI में सल्फर की मात्रा 50 ppm से घटकर 10 ppm, जो प्रदूषण में 80% तक कमी लाता है।
• DPF और SCR जैसी आधुनिक तकनीक अनिवार्य।
• दिल्ली ने हमेशा देश से पहले सख्त मानक लागू किए (BS-II 2001 में, BS-IV 2010 में)।
यूपीएससी के लिए प्रासंगिक: पर्यावरण एवं प्रदूषण (प्रीलिम्स और मेन्स), CAQM की भूमिका, वाहन उत्सर्जन और शहरी वायु गुणवत्ता।

4. वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल: अमेरिका की रणनीतिक रुचि
ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के भारी सॉर क्रूड में रुचि दिखा रहा है, जो विश्व के सबसे बड़े प्रमाणित भंडार का हिस्सा है। अमेरिकी रिफाइनरियां मुख्य रूप से भारी क्रूड के लिए डिजाइन की गई हैं, जबकि घरेलू शेल ऑयल हल्का और स्वीट है।
• भारी सॉर क्रूड सस्ता होता है, जिससे रिफाइनरी लागत कम रहती है।
• प्रतिबंध हटने पर यह तेल अमेरिका की ओर मुड़ सकता है, जिससे चीन और रूस का प्रभाव कम होगा।
यूपीएससी के लिए प्रासंगिक: ऊर्जा सुरक्षा, भू-राजनीति, अमेरिकी विदेश नीति (GS-2: अंतरराष्ट्रीय संबंध)।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
• संसद कार्यवाही अब 22 अनुसूचित भाषाओं में AI अनुवाद से उपलब्ध होगी (आठवीं अनुसूची से संबंधित)।
• पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले (स्वास्थ्य कर्मी प्रभावित)।
• ICJ में रोहिंग्या नरसंहार मामले की सुनवाई शुरू।
• दिल्ली में पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को EV में कन्वर्ट करने की योजना।
• ट्रंप द्वारा मोनरो डॉक्ट्रिन (1823) का जिक्र।
ये सभी विषय प्रीलिम्स (करंट इवेंट्स) और मेन्स (GS-2, GS-3) दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। नियमित रिवीजन और नोट्स बनाते रहें।

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