प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव मनमिंदर भाटी ने किया। उन्होंने कहा, “यह फिल्म यादव समाज की गरिमा पर हमला है। जाति विशेष का नाम लेकर लव जिहाद को ग्लोरिफाई किया जा रहा है। 36 बिरादरी यादव समाज इसके साथ खड़ा है। अगर समय रहते फिल्म रोकी नहीं गई तो आंदोलन और बड़ा होगा।” आर्य सागर खारी, युवा प्रांतीय अध्यक्ष सागर यादव, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चिंकू यादव, विमल त्यागी समेत कई समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाषण दिए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी।
पृष्ठभूमि और पहले के घटनाक्रम यह विवाद 18 फरवरी को संभल से शुरू हुआ था, जहां यादव समुदाय ने फिल्म के इंटरफेथ रोमांस (यादव महिला और मुस्लिम युवक के रिश्ते) को सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताते हुए प्रदर्शन किया। भकरौली गांव के अरविंद कुमार की शिकायत पर थाना गुनौर में निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भदाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी (बिग बॉस 19 के मृदुल तिवारी की बहन) और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ BNS की धारा 253(2) के तहत FIR दर्ज हुई। फिल्म ओम ठाकुरानी प्रोडक्शन की लो-बजट रोमांटिक ड्रामा है। विरोध करने वाले इसे ‘लव जिहाद’ का प्रचार बताते हैं और कहते हैं कि यादव समाज (भगवान कृष्ण की संतान) की संस्कृति को बदनाम करने की साजिश है।
आज के ताजा अपडेट
• बांदा: यादव महासभा ने DM को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा, रिलीज पर रोक की मांग।
• अलीगढ़: जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, पोस्टर जलाने को लेकर तनाव।
• बरेली: सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय पहुंचा, यादव-ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप।
• सुप्रीम कोर्ट: विश्व यादव परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार यादव ने याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक और शीर्षक बदलने की मांग की। याचिका में कहा गया कि इससे जातिगत तनाव बढ़ सकता है। कल (25 फरवरी) सुनवाई संभव।
एल्विश यादव का बयान यादव समाज के जाने-माने यूट्यूबर एल्विश यादव ने X पर लिखा, “अगर फिल्म में कोई सीन या कंटेंट यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है तो मेकर्स को सोच-समझकर बदलाव करना चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि वे जिम्मेदारी से सभी चिंताओं का समाधान करेंगे।” अभी तक फिल्म निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट दे रखा है, लेकिन बढ़ते दबाव के बीच रिलीज पर अनिश्चितता बनी हुई है।यादव समुदाय का कहना है कि एक छोटे बजट की फिल्म को विवाद खड़ा कर लोकप्रिय बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि समाज इसे अपनी इज्जत का सवाल मान रहा है। स्थिति पर नजर बनी हुई है। आगे की अपडेट के लिए बने रहिए।

