Uproar at Prayagraj Magh Mela: फर्जी साधु का वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप में दो इन्फ्लूएंसर गिरफ्तार, लाखों व्यूज के लालच में बदनाम करने की कोशिश

Uproar at Prayagraj Magh Mela: माघ मेला 2026 के बीच सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने की कोशिश करने वाले दो इन्फ्लूएंसरों को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी प्रदीप साहू (सिकंदरा बहरिया निवासी) और चंदन कुमार (बिहार के मधेपुरा निवासी) पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित स्क्रिप्ट से वीडियो बनाया, जिसमें मेले में आए साधु-संतों की छवि खराब करने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

क्या था वीडियो में?
पुलिस के अनुसार, प्रदीप साहू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @mrpraadeep पर वीडियो पोस्ट किया। इसमें चंदन कुमार को साधु के वेश में दिखाया गया। स्क्रिप्ट के मुताबिक, प्रदीप उससे गायत्री मंत्र पूछता है, जिसका जवाब चंदन नहीं दे पाता। आधार कार्ड मांगने पर वह मना करता है और फिर भागने लगता है। पूरा दृश्य इस तरह फिल्माया गया कि लगे मेले में फर्जी साधु घूम रहे हैं।

वीडियो पोस्ट होते ही वायरल हो गया और एक दिन में करीब 60 लाख (6 मिलियन) व्यूज मिल गए। पूछताछ में प्रदीप ने कबूल किया कि उसका मकसद व्यूज बढ़ाकर अकाउंट पॉपुलर करना था, ताकि माघ मेले से जुड़े टेंट, होटल और कॉटेज के विज्ञापन मिलें और मोटी कमाई हो।

पुलिस की सख्ती, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर कड़ी नजर
साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम और अधिकारी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि माघ मेला जैसे पवित्र आयोजन में भ्रामक कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साइबर सेल मेले के दौरान सोशल मीडिया पर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। दोनों आरोपियों के अकाउंट और डिवाइस की जांच जारी है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मेले से जुड़ी कोई भी अफवाह या भ्रामक वीडियो शेयर न करें, वरना सख्त कार्रवाई होगी।

माघ मेला 2026 की पृष्ठभूमि
इस बार का माघ मेला खास है क्योंकि 75 साल बाद दुर्लभ संयोग बना है, इसे ‘महामाघ’ कहा जा रहा है। मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें एआई सीसीटीवी, ड्रोन और हजारों पुलिसकर्मी शामिल हैं।
ऐसे में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या मेले की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। यह गिरफ्तारी मेले की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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