गौतमबुद्ध नगर/दादरी: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दादरी में ‘भाईचारा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए चुनावी बिगुल फूंक दिया। इस दौरान उन्होंने न केवल भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ‘ATM’ (ए-टी-एम) वाले तंज का भी विस्तार से जवाब दिया।
भाईचारा सम्मेलन और 2027 का लक्ष्य
दादरी की ऐतिहासिक धरती से अखिलेश यादव ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाजवादी पार्टी अब ‘मिशन 2027’ के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार के कामकाज से ऊब चुकी है और अगली सरकार पूर्ण बहुमत के साथ समाजवादी पार्टी की ही बनेगी। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि भाईचारा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और नफरत की राजनीति को खत्म करना है।
PM के ‘ATM’ बयान पर अखिलेश का ‘A’ विश्लेषण
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए ‘ATM’ शब्द का इस्तेमाल किया था। आज दादरी के मंच से अखिलेश यादव ने इसका जवाब देते हुए ‘A’ का नया अर्थ समझाया। उन्होंने कहा:
- जनता सब जानती है: अखिलेश ने कहा कि ‘ATM’ का मतलब जनता के लिए कुछ और ही है। उन्होंने इशारा किया कि ‘A’ का अर्थ उन अधूरी योजनाओं और आम आदमी (Aam Aadmi) की समस्याओं से है जिसे सरकार अनदेखा कर रही है।
- विकास पर घेरा: सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जनता सब देख रही है कि कैसे महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी के शब्दजाल में अब प्रदेश की जनता फंसने वाली नहीं है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सियासी समीकरण
दादरी में इस सम्मेलन का आयोजन करना सपा की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों में किसान, युवा और विभिन्न समुदायों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए सपा ‘भाईचारा’ कार्ड खेल रही है। सपा नेताओं का दावा है कि आने वाले समय में ऐसे सम्मेलन पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे ताकि 2027 के चुनाव से पहले एक मजबूत जनमत तैयार किया जा सके।
मुख्य बिंदु: संबोधन की बड़ी बातें
- चुनाव 2027 का दावा: सपा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने जा रही है।
- सरकार पर निशाना: भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर योगी सरकार और केंद्र सरकार को घेरा।
- एकता का संदेश: भाईचारा सम्मेलन के माध्यम से समाज के सभी वर्गों—विशेषकर दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय को जोड़ने की कोशिश।
अखिलेश यादव के आज के दौरे ने पश्चिमी यूपी की सियासत में गर्मी बढ़ा दी है। जहाँ बीजेपी अपनी विकास योजनाओं के दम पर फिर से सत्ता में वापसी का भरोसा जता रही है, वहीं सपा ने ‘भाईचारा’ और ‘जनता की समझ’ को अपना हथियार बनाकर 2027 की जंग का आगाज कर दिया है।
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