लखनऊ, नवरात्रि के पहले दिन रविवार (11 अक्टूबर 2026) को उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अप्रत्याशित हंगामा हो गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, गाली-गलौज हुई और जूते-चप्पल तक चले। करीब 30 मिनट तक गहमा-गहमी का माहौल रहा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों के साथ बदसलूकी की गई, जिसके बाद वे धरने पर बैठ गए।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से कार्यालय गूंज रहा था। पीसीसी दफ्तर को झंडों और बैनरों से सजाया गया था। निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय से चार्ज लेने के बाद आराधना मिश्रा कुर्सी पर बैठने वाली थीं। इसी बीच अजय राय के समर्थकों और नई टीम के समर्थकों के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हो गया। नारेबाजी बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जूते और चप्पल फेंके। गालियों का आदान-प्रदान भी हुआ। इमरान मसूद भी मौके पर मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कार्यालय के अंदर हंगामे का माहौल साफ दिख रहा है। अजय राय के समर्थकों का आरोप है कि पदभार ग्रहण के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। नाराज अजय राय और उनके कार्यकर्ता भिड़ गए। इसके बाद अजय राय धरने पर बैठ गए।
यह घटना कांग्रेस के लिए शर्मनाक मानी जा रही है। 2 अक्टूबर को पार्टी आलाकमान ने अजय राय को हटाकर आराधना मिश्रा (रामपुर खास विधायक और प्रमोद तिवारी की बेटी) को प्रदेश अध्यक्ष तथा सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधायक दल का नेता बनाया गया था। यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण (ब्राह्मण-मुस्लिम-दलित) साधने और सपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर किया गया था।
अजय राय ने पहले पद से हटने को पार्टी का फैसला बताते हुए स्वीकार कर लिया था और आराधना मिश्रा को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने खुद को राहुल गांधी का ‘हनुमान’ बताया था। लेकिन पदभार ग्रहण के दिन मुख्यालय में हुई भिड़ंत ने पार्टी की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया।
कार्यालय में मौजूद नेताओं ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तनाव का माहौल बना रहा। कांग्रेस के आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आए हैं। घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और विपक्षी दल इसे कांग्रेस की कमजोरी बता रहे हैं।
यह भी पढ़ें: सेक्टर-105 नोएडा में ‘योग मंदिर’ शुरू, कमलेश सचदेवा योग प्रमुख

