Unnao rape case: कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में सजा निलंबन की याचिका खारिज

Unnao rape case: उन्नाव दुष्कर्म मामले के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सोमवार को सेंगर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में सुनाई गई 10 साल की सजा को निलंबित करने की मांग की थी।

क्या थी याचिका?
कुलदीप सिंह सेंगर ने जेल में अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए सजा निलंबित करने और जमानत की गुहार लगाई थी। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी। सेंगर ने अपील के साथ ही सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। सीबीआई और पीड़िता पक्ष ने याचिका का कड़ा विरोध किया था। कोर्ट ने कहा कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए सजा निलंबित करना उचित नहीं होगा।

उन्नाव कांड का संक्षिप्त इतिहास
• 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था, जिसमें मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर थे।
• पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनकी पुलिस हिरासत में संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
• मुख्य दुष्कर्म मामले में सेंगर को उम्रकैद की सजा हुई है (दिसंबर 2019 में ट्रायल कोर्ट, बाद में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से बरकरार)।
• पीड़िता के पिता की मौत के मामले में अलग से 10 साल की सजा।
• दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामले में सेंगर की उम्रकैद निलंबन पर रोक लगाई थी।
यह फैसला उन्नाव कांड की पीड़िता और उनके परिवार के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। सेंगर अभी जेल में ही रहेंगे और दोनों मामलों में उनकी सजाएं जारी रहेंगी।

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