Union launches all-out protest against Shiva Bajaj Agency: एआरटीओ को सौंपा ज्ञापन; मालिक पर धमकी का आरोप, 24 मार्च को धरना की चेतावनी

Union launches all-out protest against Shiva Bajaj Agency: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में बजाज वाहनों की डीलरशिप शिवा बजाज एजेंसी के खिलाफ स्थानीय यूनियन ने आज आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में एजेंसी के मालिक पर ओवरचार्जिंग, गलत बिलिंग और धमकी देने के आरोप लगाते हुए ‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान किया गया। यूनियन ने एआरटीओ नंदकुमार को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि एजेंसी का ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द किया जाए तथा कानूनी कार्रवाई हो। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो 24 मार्च 2026 (मंगलवार) को सेक्टर 33 स्थित एआरटीओ कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

यूनियन का आरोप है कि शिवा बजाज एजेंसी एक्स-शोरूम मूल्य से अधिक पैसे वसूल रही है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि एक गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत 2,25,828 रुपये + 18,300 रुपये रोड टैक्स = कुल 2,44,128 रुपये बनती है, लेकिन एजेंसी 2,74,400 रुपये में बेच रही है, यानी प्रति गाड़ी 30,272 रुपये अधिक वसूल किए जा रहे हैं। साथ ही, नोएडा में हैंडओवर हुए 47 दिन बीत गए, लेकिन एजेंसी नोएडा में बिलिंग नहीं कर रही और गाजियाबाद से बिलिंग कर गाड़ियां दे रही है, जिससे स्थानीय नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

यूनियन नेताओं ने बताया कि एजेंसी के मालिक ने एआरटीओ नंदकुमार और यूनियन सदस्यों को फोन पर धमकाने की कोशिश की। मालिक ने कथित तौर पर कहा, “यह एजेंसी योगी बाबा की है, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” यूनियन ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि एजेंसी ने न केवल ग्राहकों और परिवहन विभाग को धमकाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता को प्रभावित किया है।

बैठक में शामिल प्रमुख सदस्यों में चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर, पवन पंडित, गोविंद मंडल, ठाकुर सुधीर, सतवीर सोलंकी, धनंजय शाह, अर्मेंद्र नगर, मिट्ठू राय, अर्पित, सुदीप सिंह, अरुण दादा, शिवराज सिंह, शीशपाल, संजय हालदार, अतुल तिवारी, निम्मी खटाना, रविंद्र कुमार, सुरेंद्र पाल, लालू पाल, हनी, शंभू दादा, जसवंत पाल, नरेंद्र पाल, मनोज यादव, वीपी सिंह आदि शामिल थे।

यूनियन का कहना है कि यह मुद्दा न केवल ग्राहकों के हक का है, बल्कि परिवहन नियमों और स्थानीय व्यापार नैतिकता से जुड़ा है। एआरटीओ कार्यालय से त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल एआरटीओ या परिवहन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर 24 मार्च तक कोई कदम नहीं उठाया गया तो बड़ा प्रदर्शन होगा। यह मामला नोएडा-गाजियाबाद के वाहन खरीदारों और डीलरशिप नियमों पर सवाल खड़े कर रहा है। आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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