UGC का बाप: UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन का दौर चल रहा है। इसी बीच वाराणसी में एक शख्स ने अपना ‘विरोध’ कुछ ऐसे अंदाज में जताया कि पुलिस को भी उसकी इस ‘क्रिएटिविटी’ का करारा जवाब देना पड़ा।
क्या था पूरा मामला?
वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा अपनी टीम के साथ कचहरी गोलंबर और विकास भवन के सामने नियमित वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक बुलेट मोटरसाइकिल पर पड़ी जिस पर न तो नंबर प्लेट थी और न ही कोई वैध पहचान दिखाई दे रही थी। सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई जब पुलिस ने बाइक पर बड़े अक्षरों में लिखा पढ़ा “UGC का बाप”।
बिना नंबर प्लेट के बुलेट पर ऐसा लिखना एक सीधा संदेश था कि बाइक मालिक को किसी की कोई परवाह नहीं है। यह ‘टशन’ समझने में पुलिस को जरा भी वक्त नहीं लगा। कैंट इंस्पेक्टर ने पहले आसपास के लोगों से पूछा कि बुलेट किसकी है लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर सिपाहियों को निर्देश दिया गया कि बाइक को तुरंत उठाकर सीज किया जाए।
कौन है बाइक का मालिक?
बुलेट की जांच में पता चला कि यह बाइक कृतिभान मणि त्रिपाठी नाम के शख्स की है, जो उमरहा, थाना चौबेपुर, वाराणसी का निवासी है और नगर निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में काम करता है।
कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए बाइक को जब्त कर कैंट थाने भिजवा दिया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन अनिवार्य है और ऐसे किसी भी उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
UGC विरोध का नया रूप
गौरतलब है कि इन दिनों UGC के नए नियमों और शिक्षा नीति को लेकर देशभर में छात्रों और शिक्षकों में नाराजगी है। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला वायरल हो गया और लोग पुलिस की इस ‘करारी’ कार्रवाई पर तरह-तरह के कमेंट करने लगे। अब देखना होगा कि बाइक मालिक कृतिभान मणि त्रिपाठी थाने में आकर इस ‘क्रिएटिव’ हरकत पर क्या सफाई पेश करते हैं।
यह भी पढ़ें: ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद: नोरा फतेही को आखिरी मौका, संजय दत्त को कल पेश होने का निर्देश

