Turkish Airlines: काठमांडू से इस्तांबुल जा रही तुर्की एयरलाइंस की एक फ्लाइट में दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका के बाद पायलट ने कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। विमान में सवार सभी 236 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, बोइंग 737 (या समकक्ष) विमान बुधवार दोपहर करीब 2:49 बजे सुरक्षित उतरा। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दाहिने इंजन में संभावित आग की सूचना दी थी, जिसके बाद तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। लैंडिंग के बाद फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें तैनात की गईं, लेकिन किसी तरह की आग या धुएं की पुष्टि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
यात्रियों को एयरपोर्ट लाउंज में शिफ्ट किया गया है और एयरलाइंस की ओर से उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट या होटल की व्यवस्था की जा रही है। तुर्की एयरलाइंस ने बयान जारी कर सभी यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि की है और जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। यह घटना ऐसे समय हुई जब विमानन क्षेत्र में तकनीकी सतर्कता और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हाल के प्रमुख एयरलाइंस हादसे (2024-2026 तक)
विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानक लगातार ऊंचे होते जा रहे हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों में कुछ गंभीर हादसे हुए हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई:
• 29 दिसंबर 2024, दक्षिण कोरिया: जेजू एयर की फ्लाइट 7C2216 मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान बेली लैंडिंग हुई और दीवार से टकराकर आग लग गई। 181 में से 179 लोगों की मौत हो गई। केवल दो क्रू मेंबर बच सके। कारणों की जांच जारी है, जिसमें बर्ड हिट और लैंडिंग गियर फेलियर की बात सामने आई।
• 25 दिसंबर 2024, अजरबैजान: अजरबैजान एयरलाइंस की फ्लाइट अकताऊ (कजाकिस्तान) से ग्रोज्नी जा रही थी, लेकिन क्रैश हो गई। 67 में से 38 लोगों की मौत हुई। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में रूसी एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइल हिट की आशंका जताई गई, हालांकि जांच चल रही है।
• अगस्त 2024, ब्राजील: वोएपास एयरलाइंस की फ्लाइट साओ पाउलो क्षेत्र में क्रैश हुई, जिसमें सभी 62 यात्री और क्रू मारे गए। विमान के आइसिंग और स्टॉल की वजह से दुर्घटना हुई थी।
• जुलाई 2024, नेपाल: काठमांडू में सौर्य एयरलाइंस का एक छोटा विमान टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया, जिसमें 18 लोगों की मौत हुई। नेपाल में खराब मौसम और पुराने हवाई अड्डों की वजह से ऐसे हादसे बार-बार होते रहे हैं।
इन हादसों के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियां (जैसे ICAO और IATA) ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने पर जोर दिया है। सौभाग्य से, आज की तुर्की एयरलाइंस की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और यह पायलट की सतर्कता व इमरजेंसी सिस्टम की सफलता का उदाहरण है।

