Trump’s memes: ईरान का मेम्स-मिसाइल-कूटनीति का त्रिकोण, 5 दिन की सैन्य रोक

Trump’s memes: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से चल रही जंग अब सिर्फ मिसाइलों और ड्रोनों तक सीमित नहीं है। ईरान ने सूचना युद्ध का नया मोर्चा खोल दिया है – AI जनरेटेड वीडियो और मीम्स के जरिए डोनाल्ड ट्रंप को खुलेआम मॉक किया जा रहा है। वहीं, मिस्र, तुर्की, भारत और सऊदी अरब जैसे देशों ने गुप्त कूटनीतिक चैनल खोलकर 5 दिन की सैन्य रोक का रास्ता निकाला है। लेकिन ट्रंप के इस ऐलान से ठीक 15 मिनट पहले 580 मिलियन डॉलर के तेल सौदों ने इनसाइडर ट्रेडिंग का शक पैदा कर दिया है।

ईरान की ‘लॉर्ड ऑफ द स्ट्रेट’ वाली AI वीडियो में ट्रंप को पसीने में लथपथ दिखाया गया है, जबकि ईरानी नौसेना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में टैंकरों पर हमला करती नजर आती है। एक और लेगो-स्टाइल वीडियो में ट्रंप और नेतन्याहू को एपस्टीन फाइल्स से ध्यान भटकाने के लिए जंग शुरू करने वाला दिखाया गया है। टेलीटबीज स्टाइल में ट्रंप यूरोपीय नेताओं से मदद मांगता है, लेकिन ठुकरा दिया जाता है। तस्नीम न्यूज एजेंसी और ईरानी राज्य मीडिया इन वीडियोज को तेजी से वायरल कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ‘असिमेट्रिक वॉरफेयर’ का नया रूप है, जहां ईरान पारंपरिक ताकत में कमजोर होने के बावजूद सोशल मीडिया पर ट्रंप को घेर रहा है।

इसी बीच कूटनीति का खेल भी तेज हो गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, मिस्र ने ईरान के आईआरजीसी से सीधा संपर्क किया और 5 दिन की फाइटिंग रोक का प्रस्ताव रखा। तुर्की, भारत, सऊदी अरब, ओमान, पाकिस्तान और फ्रांस-ब्रिटेन भी इस बैक-चैनल में शामिल हैं। रियाद में विदेश मंत्रियों की अचानक बैठक हुई। ट्रंप ने पहले ईरान की पावर प्लांट्स पर हमले की धमकी दी थी, लेकिन बैक-चैनल की वजह से उन्होंने 5 दिन की स्ट्राइक्स रोक का ऐलान कर दिया और ‘प्रोडक्टिव टॉक्स’ का दावा किया। भारत ने भी डायलॉग चैनल खुला रखने में अहम भूमिका निभाई।

लेकिन ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट से ठीक 15 मिनट पहले (न्यूयॉर्क समय सुबह 6:49-6:50 बजे) तेल फ्यूचर्स में 6200 कॉन्ट्रैक्ट्स (करीब 580 मिलियन डॉलर) के बड़े सौदे हो गए। ये सौदे तेल की कीमतें गिरने और शेयर बाजार बढ़ने पर लगाए गए थे। ऐलान के तुरंत बाद ब्रेंट क्रूड 10-13% गिरा और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स ऊपर चढ़ गए। मार्केट एक्सपर्ट्स इसे ‘असामान्य’ बता रहे हैं और इनसाइडर ट्रेडिंग की जांच की मांग कर रहे हैं। ईरान ने ट्रंप के ‘टॉक्स’ वाले दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा, “कोई बातचीत नहीं हुई, यह मार्केट मैनिपुलेशन है।”

विश्लेषकों का कहना है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (दुनिया के 20% तेल का रास्ता) पर कब्जा बनाए हुए है, जबकि अमेरिका-इजरायल हवाई हमले जारी रखे हुए हैं। ट्रंप ने कुश्नर और JD वेंस जैसे लोगों को भी बातचीत में शामिल करने की कोशिश की, लेकिन ईरान अभी भी ‘गारंटी और मुआवजे’ की मांग पर अड़ा है।

संक्षेप में, ईरान मेम्स से मनोबल बढ़ा रहा है, कूटनीति से सांस ले रहा है और बाजार की अराजकता से फायदा उठा रहा है। ट्रंप की 5 दिन की रोक फिलहाल जंग को रोकने का मौका दे रही है, लेकिन दोनों तरफ से बयानबाजी जारी है। स्थिति अभी भी ‘फ्लुइड’ बनी हुई है।

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