ट्रम्प की डेडलाइन आज खत्म: ईरान ने ठुकराया सीजफायर, युद्ध की कगार पर दुनिया

Donald Trump :

America and Iran War UPDATE: अमेरिका ने ईरान को समझौता करने की धमकी दी है। जिसकी आज डेडलाइन खत्म हो रही है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने क्या क्या चुनौतियां होंगी और वह इससे कैसे निपटेंगे? इस पर दुनिया की निगाहें टिकीं हुई है। खबर आ रही है ट्रंप की जिद्द के चलते थर्ड वर्ल्ड वॉर हो सकता है। क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान को तहस नहस कर देगा। विशेषज्ञों का मामना है कि जिस तरह से अमेरिका ने इस युद्ध में घुसकर गलती की अब कोई और बड़ी गलती न करें, इसको लेकर जानकार कहते हैं कि शांती इसे ही हल निकलेगा। बहरहाल स्टेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए अमेरिका लगातार तरह तरह के दावे कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो के साथ साथ कई अन्य देशों से भी अपने साथ आने का आग्रह किया मगर सभी ने ठुकरा दिया। चलिए जानते हैं विस्तार से…

युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया। तब से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है — जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है।

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व क्यों है?

होर्मुज जलडमरूमध्य से युद्ध से पहले दुनिया का लगभग एक-चौथाई समुद्री तेल और पांचवां हिस्सा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) गुजरता था। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से यहां से शिपिंग ट्रैफिक 95% तक गिर चुका है। ईरान के इस कदम से ऊर्जा, शिपिंग और खाद्य लागत पहले से ही अमेरिका और दुनियाभर में बढ़ रही है, और इसका सबसे बड़ा असर गरीब और आयात-पर-निर्भर देशों पर पड़ने की आशंका है।

डेडलाइन कैसे बढ़ती रही?

ट्रम्प ने यह डेडलाइन एक बार में नहीं दी — यह कई बार बढ़ाई गई:

  • 21 मार्च को ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी कि वह स्ट्रेट बिना किसी खतरे के खोले, वरना उसके पावर प्लांट पर हमले होंगे।
  • 26 मार्च को ट्रम्प ने डेडलाइन दूसरी बार बढ़ाई और कहा कि ईरान सरकार के अनुरोध पर वह “एनर्जी प्लांट तबाही की अवधि को 10 दिनों के लिए रोक रहे हैं।”
  • अब अंतिम डेडलाइन: मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) यानी भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे।

ट्रम्प ने क्या-क्या धमकियां दीं?

ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक तीखी पोस्ट में लिखा — “मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा — एक साथ, ईरान में। इसके जैसा पहले कुछ नहीं देखा होगा! होर्मुज खोलो, वरना ‘हेल’ में रहोगे।” सोमवार को व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा — “पूरे देश को एक रात में खत्म किया जा सकता है, और वह रात कल की रात हो सकती है।” ABC न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा — “ईरान को बर्बाद कर दिया गया है, तबाह कर दिया गया है। और हर दिन स्थिति और खराब होती जाएगी।”

ईरान का जवाब क्या रहा?

ईरान ने नरमी नहीं दिखाई:

  • ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने अमेरिकी सीजफायर योजना को खारिज कर दिया और होर्मुज खोलने की डेडलाइन को मानने से इनकार कर दिया।
  • ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा — “अल्टीमेटम, अपराध या युद्ध अपराधों की धमकी के साथ बातचीत किसी भी तरह से संगत नहीं है।”
  • ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर नागरिक ठिकानों पर हमले दोहराए गए, तो ईरान का जवाब “कई गुना बड़े पैमाने पर” होगा।

ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा

ईरान ने पाकिस्तान (मध्यस्थ) के जरिए अमेरिका को 10-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा, जिसमें — क्षेत्र में संघर्ष समाप्त करना, होर्मुज के लिए सुरक्षित मार्ग प्रोटोकॉल, प्रतिबंधों को हटाना और पुनर्निर्माण शामिल हैं। लेकिन ट्रम्प ने कहा — “यह एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है, एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।” उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव डेडलाइन पर अमेरिकी कार्रवाई को नहीं रोकेगा।

45 दिन के सीजफायर प्रस्ताव का क्या हुआ?

मिस्र के वार्ताकारों ने NPR को बताया कि ईरान 45 दिन के सीजफायर के लिए राजी हो सकता है, जिसके दौरान होर्मुज खोलने पर चर्चा हो। लेकिन इसके लिए ईरान स्थायी युद्ध-समाप्ति की गारंटी चाहता है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा — “यह कई विचारों में से एक है, और ट्रम्प ने इस पर सहमति नहीं दी है। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ जारी है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

ब्रेंट क्रूड ऑयल सोमवार को 109.77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया — युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 50% की बढ़ोतरी। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 66% की उछाल आई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि “अब मंदी से इनकार नहीं किया जा सकता। सब कुछ इस बात पर निर्भर है कि स्ट्रेट कब तक बंद रहती है।”

मानवीय कीमत

अब तक पूरे मध्य पूर्व में 3,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान में इज़राइली और अमेरिकी हमलों में 1,900 से अधिक लोगों की मौत हुई है, लेबनान में 1,400 और इज़राइल में 23 लोग मारे गए हैं। 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे जा चुके हैं।

आगे क्या होगा?

ट्रम्प ने डेडलाइन को “अंतिम” बताया है और कहा है कि इसे टालना “बेहद असंभव” है। दुनिया की नजरें अब मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) पर टिकी हैं — क्या युद्ध का एक नया और विनाशकारी दौर शुरू होगा, या कोई राजनयिक चमत्कार होगा?

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