Trump 126% Solar Tariff: माय फ्रेंड का बड़ा धोखा, भारत में हाहाकार, निर्यात पर भारी संकट, शेयर 15% तक टूटे

Trump 126% Solar Tariff: अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) ने भारतीय सोलर सेल और मॉड्यूल्स पर 125.87% (लगभग 126%) प्रारंभिक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) लगा दी है। यह फैसला मुख्य रूप से अदानी ग्रुप की दो कंपनियों—Mundra Solar Energy और Mundra Solar PV—के जांच में सहयोग न करने और नवंबर 2025 में बीच में हट जाने के आधार पर लिया गया है। ट्रंप प्रशासन के इस कदम से भारतीय सोलर निर्यात (2024 में 79.26 करोड़ डॉलर) लगभग बंद होने की स्थिति में आ गया है।

घटना का क्रम
अगस्त 2025: अमेरिकी सोलर निर्माताओं के संगठन ‘Alliance for American Solar Manufacturing and Trade’ (जिसमें First Solar, Hanwha Qcells आदि शामिल) की याचिका पर जांच शुरू।
नवंबर 2025: अदानी की दोनों कंपनियां (mandatory respondents) ने पूर्ण जानकारी न देने के बाद जांच से हट लिया।
20 फरवरी 2026: US Commerce Department ने ‘Adverse Facts Available’ (सबसे सख्त दंड) लागू कर 125.87% दर तय की। सभी अन्य भारतीय निर्यातकों पर भी यही दर लागू होगी।
24-25 फरवरी 2026: फैसला सार्वजनिक, इंडोनेशिया (86-143%) और लाओस (81%) पर भी टैरिफ लगाए गए।

जांच में भारत सरकार की एक्सपोर्ट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम्स—Advance Authorisation, Duty Free Import Authorisation, Duty Drawback, EPCG, RoDTEP—और चीनी इनपुट्स (पॉलीसिलिकॉन, वेफर्स आदि) पर ‘ट्रांसनेशनल सब्सिडी’ के आरोप लगाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि अदानी कंपनियों ने “मासिव क्वांटिटी” में शिपमेंट किया और सब्सिडी का फायदा उठाया।

बाजार पर असर
• शेयर बाजार: 25 फरवरी को Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar के शेयर 8-18% तक गिरे। Adani Green Energy में भी 8% की गिरावट।
निर्यात: 2021-24 के बीच भारत के 90% से ज्यादा सोलर मॉड्यूल अमेरिका गए। 2024 में 3 GW के करीब शिपमेंट हुआ। Citi एनालिस्ट विक्रम बागरी: “अमेरिकी बाजार भारतीय निर्माताओं के लिए लगभग बंद हो गया है।”
घरेलू प्रभाव: निर्यातकों के पास अतिरिक्त क्षमता घरेलू बाजार में आएगी, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ेगा। ICRA के अंकित जैन ने पहले चेतावनी दी थी कि इससे OEMs की लाभप्रदता प्रभावित होगी।

भारत सरकार और उद्योग की प्रतिक्रिया
MNRE के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “सरकार निर्यातकों की तरफ से हस्तक्षेप नहीं करेगी। कंपनियां कानूनी रास्ते से अपील कर सकती हैं।” ट्रेड एक्सपर्ट अजय श्रीवास्तव (GTRI): “भले ही भारत सब्सिडी स्कीम बदल ले, चीनी इनपुट्स पर टैरिफ बरकरार रह सकता है।”

अदानी ग्रुप का पक्ष
अदानी ग्रुप ने Indian Express को दिए बयान में कहा कि मामला ‘sub judice’ है। कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

व्यापक संदर्भ
यह फैसला ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल का हिस्सा है। इससे पहले फरवरी में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता हुआ था, लेकिन सोलर जैसे सेक्टर पर टेंशन बरकरार। फाइनल CVD फैसला 6 जुलाई 2026 को आने वाला है। साथ ही अलग एंटी-डंपिंग जांच भी चल रही है, जिसमें और टैरिफ लग सकता है। भारतीय सोलर उद्योग अब यूरोप, अफ्रीका जैसे नए बाजार तलाश रहा है, जबकि घरेलू मांग (500 GW नॉन-फॉसिल टारगेट) पर फोकस बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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