Traffic police earn crores: गाजियाबाद में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस की सख्ती जारी है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं। साल 2025 में यातायात पुलिस ने कुल 14 लाख 42 हजार 525 ट्रैफिक चालान काटे, जिनसे लगभग 283 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया या बनता है। यह आंकड़ा गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किया गया है, जिसमें बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में ड्राइविंग सबसे प्रमुख उल्लंघन रहे।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख उल्लंघन इस प्रकार हैं:
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के: 6.91 लाख चालान (सबसे ज्यादा)
रॉन्ग साइड ड्राइविंग के: 1.92 लाख चालान
ओवरस्पीडिंग के: 24,194 चालान
रेसिंग/रैश ड्राइविंग के: 22,724 चालान
इसके अलावा तीन सवारी, नो एंट्री, सीट बेल्ट न लगाना, नो-पार्किंग जोन में पार्किंग और अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई हुई। दोपहिया वाहनों से जुड़े चालान सबसे अधिक रहे, जबकि बस, ट्रक, स्कूल बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, चार पहिया और ई-रिक्शा जैसे वाहनों पर भी चालान कटे।
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि शहर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू होने से ऑनलाइन चालान की संख्या बढ़ी है, जिससे कार्रवाई अधिक प्रभावी हो गई है। जहां ITMS नहीं है, वहां मैनुअल चालान जारी किए जा रहे हैं। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन नियम तोड़ने वालों की संख्या कम नहीं हो रही। कई चालान अभी कोर्ट में लंबित हैं, और लोग राष्ट्रीय लोक अदालत का इंतजार करते हैं जहां छूट मिल सकती है।
चिंताजनक है कि ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े सड़क हादसे भी बढ़े हैं। 2025 में गाजियाबाद में 1,097 सड़क हादसे हुए, जिनमें करीब 400 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। 2023 की तुलना में हादसों में करीब 10% वृद्धि, मौतों में 9% और घायलों में 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि रोड इंजीनियरिंग की कुछ कमियां भी हादसों का कारण बन रही हैं।
पुलिस ने बार-बार चालान कटने वाले वाहनों को नोटिस भेजकर सीज करने की कार्रवाई भी की है। हाल के महीनों में 1,000 से ज्यादा वाहनों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सड़कें सुरक्षित बन सकें।
यह आंकड़े NCR क्षेत्र में ट्रैफिक अनुशासन की चुनौती को उजागर करते हैं, जहां जागरूकता और सख्ती दोनों की जरूरत है।

