नंदीग्राम से टीएमसी ने पबित्र कर (सुवेंदु अधिकारी के पूर्व करीबी और पूर्व बीजेपी नेता) को टिकट दिया है। यह सीट वही है जहां 2021 में सुवेंदु ने ममता को मात्र 1,956 वोटों से हराया था। ममता ने स्पष्ट कहा, “सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ टीएमसी ने उनके करीबी को खड़ा कर दिया है।”
ममता का तीखा हमला: “बीजेपी डर क्यों रही है?”
ममता बनर्जी ने सूची जारी करते हुए इसे “बंगाल की अस्मिता-अस्तित्व की लड़ाई” बताया। उन्होंने कहा-
“यह लड़ाई बंगाल जीतेगा। मां, माटी, मानुष की जीत होगी।” बीजेपी पर तंज कसते हुए बोलीं, “मैं बीजेपी से कुछ कहना चाहती हूं। आप डर क्यों रहे हैं? अगर लड़ना है तो गैस क्राइसिस मत बनाइए। सही तरीके से मैदान में आइए।” आरोप लगाया कि बीजेपी के पास कोई चांस नहीं है और “दिल्ली का लड्डू” नहीं जीतेगा। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर अधिकारियों के बड़े पैमाने पर ट्रांसफर का भी आरोप लगाया। टीएमसी सूत्रों ने इसे बीजेपी के “चक्रव्यूह” रणनीति का सीधा जवाब बताया। पार्टी ने 52 महिला उम्मीदवार, 95 अनुसूचित जाति/जनजाति और 47 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को टिकट दिया है। सूची में युवा चेहरों पर भी जोर है- जैसे सोहम चक्रवर्ती (डोमकल), राज चक्रवर्ती (बैरकपुर) आदि।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
टीएमसी पक्ष: पार्टी नेताओं में आत्मविश्वास दिख रहा है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “सुवेंदु दोनों सीटों पर कुचल दिए जाएंगे। ममता दीदी का भवानीपुर छोड़ना तो दूर, वे राज्यव्यापी प्रचार भी करेंगी।” टीएमसी ने इसे “बंगाल बचाओ” अभियान का हिस्सा बताया।
बीजेपी पक्ष: बीजेपी ने अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सुवेंदु की दोहरी उम्मीदवारी का मकसद ममता को भवानीपुर में “बांध” रखना था। अब टीएमसी का पबित्र कर वाला फैसला बीजेपी के लिए नया चुनौती माना जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही दावा किया था कि वे ममता को भवानीपुर में भी हरा देंगे।
अन्य विपक्ष: कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां अभी चुप हैं, लेकिन विश्लेषक कह रहे हैं कि यह मुकाबला “ममता बनाम सुवेंदु 2.0” बन गया है, जो पूरे राज्य का मूड तय करेगा।
आम जनता की प्रतिक्रियाएं (सोशल मीडिया से)
X (ट्विटर) और फेसबुक पर तुरंत चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इसे “मसाला मूवी” बताया- “BJP vs TMC का धमाका! भवानीपुर में रीमैच, अब देखते हैं कौन जीतेगा।” कुछ बंगाली मतदाताओं ने टीएमसी की महिला और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व की तारीफ की, लेकिन एक यूजर ने लिखा, “पबित्र कर सुवेंदु के पुराने साथी थे, अब टिकट? राजनीति में सब कुछ संभव है।” युवा वोटरों में उत्साह है- “2021 की नंदीग्राम याद है? इस बार भवानीपुर में क्या होगा?” कुछ ने सवाल उठाया- “वोटर लिस्ट में नाम कटने के आरोप के बीच चुनाव? असली मुद्दे कहां गए?”
चुनाव दो चरणों में (23 और 29 अप्रैल) होंगे, मतगणना 4 मई को। टीएमसी की पूरी सूची जल्द ही और विस्तार से सामने आएगी, लेकिन आज का ऐलान साफ संदेश देता है- ममता “चक्रव्यूह” में फंसने को तैयार नहीं हैं। अब सुवेंदु और बीजेपी का अगला कदम क्या होगा? बंगाल की सियासत फिर से गर्म हो गई है।

