एटीआईएफ योजना से यूपी की तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मिली रफ्तार

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नाबार्ड ने 6,431 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति

Uttar Pradesh News: लखनऊ। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की दीर्घकालिक सिंचाई कोष योजना (एटीआईएफ) के तहत उत्तर प्रदेश की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को गति मिलने जा रही है। नाबार्ड ने इन परियोजनाओं के लिए कुल 6,431.34 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन योजनाओं के पूरा होने से बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण और कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी।

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स्वीकृत परियोजनाओं में बुंदेलखंड क्षेत्र की अर्जुन सहायक नहर परियोजना, पूर्वांचल की सरयू नहर परियोजना तथा संभल, मुरादाबाद और अमरोहा जिलों में मध्य गंगा नहर परियोजना (चरण-दो) शामिल हैं।

नाबार्ड अधिकारियों ने हाल ही में मुख्य सचिव शशि प्रताप गोयल के साथ बैठक में बताया कि बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अर्जुन सहायक नहर परियोजना को 1,353.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना महोबा, हमीरपुर और बांदा जिलों को कवर करेगी और क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करेगी।

इसी तरह सरयू नहर परियोजना के लिए 1,899.35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना का दायरा बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर जिलों तक फैला है। इसके निर्माण से इन जिलों को जल संकट से राहत मिलेगी। साथ ही सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी नदियों के अतिरिक्त पानी के चैनलाइजेशन से कृषि क्षेत्र और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

वहीं मध्य गंगा नहर परियोजना (चरण-दो) के लिए नाबार्ड ने 3,178.04 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस परियोजना से गंगा बेसिन क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सिंचाई क्षमता में भी सुधार होगा।

गौरतलब है कि एटीआईएफ योजना के तहत नाबार्ड के सहयोग से देश के 18 राज्यों में 99 मध्यम और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण एवं क्षमता विस्तार किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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