निगम की देयता के ग्राफ मे आई गिरावट, आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में नगर आयुक्त अहम भूमिका
ghaziabad news नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में जहां गाजियाबाद नगर निगम लगातार शहर में विकास कार्यों को रफ्तार दे रहा है, वहीं निगम की लायबिलिटी भी कम होती दिखाई दे रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में गाजियाबाद नगर निगम की लायबिलिटी लगभग 200 करोड़ थी। जिसको नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक के सफल नेतृत्व में लगभग 70 फीसदी कम किया गया। वर्तमान में गाजियाबाद नगर निगम पर लगभग 50 से 55 करोड़ की देयता बची हुई है। जिसको खत्म करने के लिए निगम बेहतर प्लानिंग के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। नगरायुक्त ने कहा कि अकाउंट विभाग के साथ-साथ अन्य सभी विभागों की अहम भूमिका निगम की लायबिलिटी को खत्म करने में रही है। उन्होंने कहा कि महापौर सुनीता दयाल, जनप्रतिनिधियों व पार्षदों के सहयोग से शहर के विकास को भी न केवल बरकरार रखा गया है, बल्कि निर्माण विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जलकल विभाग व प्रकाश विभाग के माध्यम से करोड़ों के कार्य शहर हित में कराए गए हैं। जिसमे निर्माण विभाग का 194 करोड़ उद्यान विभाग का 62 करोड़ जलकल विभाग का 139 करोड़ स्वास्थ्य विभाग का 219 करोड़, प्रकाश विभाग का 33 करोड़ वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट रहा है।
नगर आयुक्त कहा कि जहां गाजियाबाद नगर निगम शहर में विकास के कार्यों को बेहतर तरीके से कर रहा है। गाजियाबाद नगर निगम बड़ी लायबिलिटी को भी खत्म करने में जुटा हुआ है, जोकि जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों के विशेष सहयोग से मुमकिन हो पा रहा है। कहा कि अन्य बची हुई देयता को भी नगर निगम प्लानिंग बनाते हुए, आगामी कुछ माह में पूर्ण रूप से समाप्त करने का प्रयास कर रहा है।
डेढ़ साल में निगम की लायबिलिटी में आयी 70 फीसदी की कमी: मलिक
