ट्रंप प्रशासन को ईरान युद्ध में बड़ा झटका: ‘कोई एयर डिफेंस नहीं’ का दावा झूठा साबित, दो अमेरिकी जेट गिराए गए; साथ ही कॉलेज स्पोर्ट्स को स्थिर करने का कार्यकारी आदेश जारी

ट्रंप प्रशासन को ईरान युद्ध में बड़ा झटका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने पिछले कुछ हफ्तों से बार-बार दावा किया था कि ईरान की हवाई सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो चुकी है और अमेरिका का आकाश में पूर्ण प्रभुत्व है। लेकिन शुक्रवार को ईरान ने इस दावे को सीधा झटका दिया। ईरानी सेना ने अमेरिकी एफ-15ई फाइटर जेट को ईरानी क्षेत्र में मार गिराया, जबकि बचाव अभियान के दौरान एक और ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट भी प्रभावित हुआ। एक क्रू मेंबर की तलाश अभी भी जारी है।

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दो सीटों वाले एफ-15ई जेट को ईरानी गोलीबारी में गिराया गया। एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया है, लेकिन दूसरे की स्थिति अज्ञात है और सर्च एंड रेस्क्यू मिशन चल रहा है। बचाव के दौरान दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी गोलीबारी का शिकार हुए, जिनमें कुछ क्रू सदस्य घायल हुए, लेकिन दोनों हेलीकॉप्टर सुरक्षित लौट आए। इसी दौरान क्लोज एयर सपोर्ट दे रहे एक सीट वाले ए-10 ‘वारथॉग’ को भी ईरान के ऊपर मारा गया, जो कुुवैत में क्रैश हो गया। इसका पायलट बच गया है।

ट्रंप ने इससे पहले 1 अप्रैल को प्राइमटाइम संबोधन में कहा था, “उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण नहीं है। उनका रडार 100% नष्ट हो चुका है। हमारी सेना अजेय है।” हेगसेथ ने भी मार्च में कहा था कि अमेरिका और इजराइल के पास ईरानी आकाश पर “पूर्ण नियंत्रण” है और ईरान कुछ नहीं कर सकता। लेकिन अब ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका अब रेजीम चेंज की बजाय अपने पायलट बचाने में लगा है।

ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को फोन इंटरव्यू में कहा कि यह घटना ईरान के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को प्रभावित नहीं करेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा टीम व्हाइट हाउस में इकट्ठी हुई और ट्रंप को पूरे दिन अपडेट दिए गए। पेंटागन ने अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ईरानी मीडिया ने जेट के मलबे की तस्वीरें जारी की हैं। यह पांच हफ्ते पुराने अमेरिका-ईरान युद्ध में पहला मौका है जब ईरान ने अमेरिकी मैनेड एयरक्राफ्ट को सफलतापूर्वक मार गिराया है।

इसी बीच, ट्रंप ने शुक्रवार को ही एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने कॉलेज स्पोर्ट्स को स्थिर करने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। रिपोर्ट के मुताबिक, यह आदेश ट्रांसफर नियमों, एलिजिबिलिटी लिमिट (पांच साल की भागीदारी विंडो) और पे-फॉर-प्ले मुद्दों को संबोधित करता है। स्कूलों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे नियमों का पालन नहीं करेंगे तो फेडरल फंडिंग और ग्रांट्स काट ली जाएंगी। ट्रंप ने कांग्रेस से भी जल्द कानून बनाने को कहा है ताकि महिला और ओलंपिक स्पोर्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह उनका दूसरा ऐसा आदेश है और यह एनसीएए के बदलते मॉडल (जिसमें खिलाड़ियों को अब लाखों-करोड़ों दिए जा रहे हैं) को नियंत्रित करने का प्रयास है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आदेश से मुकदमेबाजी हो सकती है, लेकिन ट्रंप ने इसे “कॉलेज एथलेटिक्स को बचाने” के लिए जरूरी बताया। यह आदेश महिला फाइनल फोर से ठीक पहले जारी किया गया। ये घटनाएं ट्रंप प्रशासन के लिए दो मोर्चों पर चुनौती पेश कर रही हैं—ईरान में सैन्य दावों पर सवाल और घरेलू स्तर पर स्पोर्ट्स नीति को मजबूत करने का प्रयास। फिलहाल ईरान में लापता क्रू मेंबर की तलाश जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

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