ऑटो-ई रिक्शा की मनमानी से जनता त्रस्त: नोएडा की सड़कों पर आम यात्री इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमाना किराया वसूली, दूसरी तरफ एजेंसियों की जबरन वसूली। इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी ने आम जनता का धैर्य तोड़ दिया है।
मनमाना किराया — जनता की जेब पर सीधा हमला
सेक्टर-18, सेक्टर-62, सेक्टर-15, नोएडा सिटी सेंटर और बॉटनिकल गार्डन जैसे इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। चंद दूरी के लिए 20 से 40 रुपये लिए जाते हैं। पीक समय में किराया अचानक दोगुना हो जाता है और रात में 50 से 80 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जाते हैं।
31 मार्च 2026 को ताजा रिपोर्टों में सामने आया कि ईरान-अमेरिका-इस्राइल युद्ध और बढ़ती महंगाई का असर अब शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। शहर के कई इलाकों में ई-रिक्शा व ऑटो चालकों ने अपने वाहनों पर नई रेट लिस्ट चिपका दी है, जिसके तहत सेक्टर-12/22, सेक्टर-18, डीएम चौक और नोएडा सिटी सेंटर जैसे रूटों पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यात्रियों ने बताया कि किराया कम करने की बात कहने पर चालक सवारी बैठाने से ही इनकार कर देते हैं।
एजेंसियों का गोरखधंधा — दूसरे ऑटो वालों को भी नहीं चलने देते
गौतम बुद्ध नगर में ऑटो एजेंसियों द्वारा मनमानी और अधिक वसूली के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति और गौतम बुद्ध नगर ऑटो यूनियन ने 1 अप्रैल से एआरटीओ कार्यालय, सेक्टर-33 पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि जब तक शिवा बजाज ऑटो एजेंसी (गाजियाबाद व नोएडा) और बालाजी मोटर बजाज एजेंसी (ग्रेटर नोएडा) के ट्रेड लाइसेंस निरस्त नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा।
ऑटो यूनियन अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर का आरोप है कि एजेंसियों ने जिले में वाहनों की बिलिंग रोक दी है, जिससे स्थानीय ऑटो चालकों को मजबूरी में गाजियाबाद से 30 हजार रुपये तक अधिक कीमत पर वाहन खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि एजेंसी मालिक ने फोन पर एआरटीओ प्रशासन और यूनियन पदाधिकारियों को धमकाते हुए कहा, “यह एजेंसी योगी बाबा की है, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” यूनियन ने इस बयान को राजनीतिक संरक्षण का साफ संकेत बताया है।
प्रशासन की कार्रवाई — आधी-अधूरी
लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम ने नोएडा के 10,000 ऑटो में मीटर लगाने का निर्णय लिया, लेकिन जिले में पंजीकृत 18,000 ऑटो में से अब तक केवल 8,000 में ही मीटर लगे हैं। बाकी बिना मीटर के दौड़ रहे हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही। एआरटीओ द्वारा एजेंसी का ट्रेड लॉक किए जाने की बात कही गई, लेकिन यूनियन नेताओं का कहना है कि इससे कोई ठोस असर नहीं पड़ा है।
आम जनता क्या करे?
परिवहन हेल्पलाइन 18001800152 पर अतिरिक्त किराए की शिकायत की जा सकती है। साथ ही ऑटो या ई-रिक्शा चालक द्वारा मनमाना किराया वसूलने पर उसका वाहन नंबर नोट कर यातायात पुलिस या ARTO कार्यालय, सेक्टर-33, नोएडा में लिखित शिकायत दी जा सकती है।
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