ghaziabad news महापौर सुनीता दयाल ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय में सोमवार को जल निगम व नगर निगम के अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर शहर के सीवर और जल आपूर्ति कार्यों की धीमी गति और लापरवाही को लेकर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।
महापौर ने विजयनगर क्षेत्र में गंगाजल लाइन के निर्माण में हो रही देरी और सीवर परियोजनाओं की अनदेखी व मॉनिटरिंग की कमी को लेकर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि जब सीवर कार्यों की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है, तो उसकी निगरानी करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है, लेकिन यह कार्य पूरी तरह उपेक्षित हो रहा है, जिसका खामियाजा नगर निगम को भुगतना पड़ता है।
महापौर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वह अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में जिम्मेदारी से काम करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
महापौर ने कहा कि सीवर कंपनी कार्यों में गुणवत्ता की कमी, उचित निगरानी के अभाव और लापरवाही से शहर में जलभराव, बदबू और नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच की जाए।
महापौर ने बताया कि पिछले वर्ष 17 करोड़ की लागत से 10 एमएलडी गंगाजल लाइन के लिए प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन कार्य अब तक लंबित पड़ा है। इस मुद्दे पर भी उन्होंने अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। बैठक मेंनिर्णय लिया गया कि 10 दिनों के भीतर गंगाजल लाइन का शिलान्यास कराया जाएगा, ताकि विजयनगर के हजारों लोगों को गंगाजल आपूर्ति की सुविधा मिल सकें और वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा।
महापौर ने कहा कि शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल निगम को पूरी जिÞम्मेदारी के साथ कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करना होगा।
बैठक में यह रहे मौजूद
इस मौके पर जीएम जल के. पी. आनंद , नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार,जल निगम के अधिशासी अभियंता ब्रह्मानंद,अधिशासी अभियंता अरुण प्रताप मौजूद रहे।
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