The growing scourge of fast food in Amroha: चाउमिन-मोमोज की लत से 20 वर्षीय शिफा की मौत, एक महीने में तीसरी घटना

The growing scourge of fast food in Amroha: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में अत्यधिक फास्ट फूड के सेवन से होने वाली मौतों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। ताजा मामला जोया कस्बे का है, जहां 20 वर्षीय नवविवाहिता शिफा की दिल्ली AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का कारण पैनक्रियाज में गंभीर संक्रमण बताया, जिसे सीधे तले-भुने फास्ट फूड की अधिकता से जोड़ा गया। यह एक महीने में जिले की तीसरी ऐसी मौत है।

परिजनों के अनुसार, शिफा को चाउमिन, मोमोज, मैगी, बर्गर और पिज्जा जैसे फास्ट फूड का बेहद शौक था। शादी के करीब आठ महीने बाद भी यह आदत जारी रही। अचानक तेज पेट दर्द होने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल, फिर मुरादाबाद और अंत में दिल्ली AIIMS ले जाया गया। AIIMS के डॉक्टरों ने पैनक्रियाज में गंभीर इंफेक्शन की पुष्टि की और इसे लंबे समय से तला-भुना खाना खाने का नतीजा बताया। इलाज के बावजूद शिफा की हालत बिगड़ती गई और बुधवार (14 जनवरी 2026) को उसकी मौत हो गई।

एक महीने में तीन मौतें
इससे पहले दिसंबर 2025 में 16 वर्षीय छात्रा अहाना की आंतों में संक्रमण और हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उसके बाद नीट की तैयारी कर रही एक अन्य छात्रा की दिमाग में संक्रमण से जान चली गई। दोनों मामलों में भी डॉक्टरों ने अत्यधिक जंक फूड को मुख्य कारण बताया। अहाना की मौत के बाद प्रशासन ने कुछ फास्ट फूड दुकानों पर छापेमारी की और डीएम ने घर का खाना खाने की अपील की है , लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

तीसरी मौत के बाद भी जिला प्रशासन पर कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोग और संगठन स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता जांच और जागरूकता अभियान की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे बिकने वाले फास्ट फूड में Hygiene की कमी और अधिक तेल का इस्तेमाल पैनक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।
यह मामला पूरे जिले में फास्ट फूड की लत और उसके खतरों पर बहस छेड़ रहा है। अभिभावक अब बच्चों की डाइट पर विशेष ध्यान दे।

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