लोकतंत्र का महापर्व: असम, केरल और पुदुचेरी की 296 सीटों पर आज ‘जनादेश’ का दिन

आज तीन राज्यों के चुनाव शुरू हो गया है जिसके लिए मतदान किया जा रहा है सुरक्षा व्यवस्था में भी मतदान हो रहा है ताकि किसी भी तरह की कोई धाँधली बना हुआ है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बीच युवा और महिलाओं से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की है जननी बताते हैं तीनों राज्यों ने कहा कैसे हो रहा है मतदान…

1. असम: तीसरे और अंतिम चरण का मतदान

असम में विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। राज्य में सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।

  • मुख्य मुद्दे: नागरिकता (CAA/NRC), चाय बागान श्रमिकों की मजदूरी, और बाढ़ नियंत्रण।
  • प्रमुख चेहरे: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास के दावे बनाम विपक्ष के ‘गारंटी’ कार्ड के बीच जनता को फैसला करना है।
  • सुरक्षा व्यवस्था: संवेदनशील इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके।

2. केरल: ‘एलडीएफ’ बनाम ‘यूडीएफ’ की जंग

केरल की सभी 140 सीटों पर आज एक ही चरण में वोट डाले जा रहे हैं। यहाँ का राजनीतिक इतिहास हर पांच साल में सरकार बदलने का रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प है।

  • त्रिकोणीय मुकाबला: मुख्य लड़ाई वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) के बीच है, जबकि भाजपा नीत NDA भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की पूरी कोशिश कर रही है।
  • मतदाता उत्साह: केरल में पारंपरिक रूप से उच्च मतदान प्रतिशत देखा जाता है, और सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

3. पुदुचेरी: केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता की होड़

पुदुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए भी आज ही मतदान संपन्न होगा। यहाँ की राजनीतिक अस्थिरता के बाद यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है।

  • राजनीतिक समीकरण: यहाँ NDA गठबंधन और कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है।
  • प्रशासनिक सतर्कता: चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव के लिए पुदुचेरी में बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है।

मतदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

क्षेत्र कुल सीटें मतदान का चरण मुख्य मुकाबला
असम 126 अंतिम चरण NDA vs महाजोत
केरल 140 एकल चरण LDF vs UDF vs NDA
पुदुचेरी 30 एकल चरण AINRC+ vs Congress+

निष्कर्ष और सुरक्षा उपाय

सभी चुनाव क्षेत्रों में COVID-19 प्रोटोकॉल (यदि प्रभावी हो) या सामान्य स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। इन चुनावों के नतीजे न केवल इन राज्यों की दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इनका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

 

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