नोएडा। नवरात्रि के पावन अवसर पर फेडरेशन ऑफ पंजाबी एसोसिएशन (रजि.) ने सेक्टर-34 स्थित अपना घर आश्रम में माता की चौकी का आयोजन किया। आश्रम में रहने वाले लगभग 300 प्रभुजनों के साथ आयोजित इस धार्मिक और सेवा कार्यक्रम में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। माता रानी के भजनों और जयकारों के बीच प्रभुजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया और पर्व की खुशियां साझा कीं।
मुख्य अतिथियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह की ओर से अनिल भैया और धर्मेंद्र चौहान ने सहभागिता की। नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी सपरिवार, PNI News के संपादक पवन सिंह और जीडी गोयनका स्कूल के चेयरमैन राजन ठुकराल भी उपस्थित रहे।
भजन संध्या रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में भजन संध्या विशेष आकर्षण रही। उत्तराखंड के प्रसिद्ध भजन गायक चंद्र मोहन नेगी और पंजाबी समाज के भजन सम्राट अतुल मल्होत्रा ने माता रानी के भजनों से भक्तिमय समां बांध दिया। अतुल नागपाल और राकेश खन्ना की सहभागिता ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। भजनों और जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
समाज को एकजुट करना और सेवा संस्था का उद्देश्य
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र मेहता ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करने के साथ सेवा और सहयोग के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाना है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि जैसे अवसर पर अपना घर आश्रम के प्रभुजनों के साथ समय बिताना संस्था के लिए गर्व और संतोष का विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यक्रम निरंतर होते रहेंगे।
राष्ट्रीय महासचिव सुनील मेहता ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता, सेवा, समर्पण और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यों में पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
सामाजिक समरसता का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रभुजनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। माता की चौकी के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, मानवीय संवेदना और सेवा भाव का संदेश दिया गया। फेडरेशन ने दोहराया कि त्योहारों की सच्ची खुशी जरूरतमंदों के साथ प्रेम, सम्मान और अपनत्व बांटने में है। संस्था समाज सेवा, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और मानवीय कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

