The death of Mexico’s most feared drug lord, El Mencho: पुलिस वाले से कार्टेल किंगपिन तक का सफर और उसके बाद का खूनी बवाल

The death of Mexico’s most feared drug lord, El Mencho: मेक्सिको में रविवार 22 फरवरी 2026 को एक बड़ा ऑपरेशन हुआ। सैन्य बलों ने जलिस्को राज्य के तपालपा इलाके में छापा मारा और देश के सबसे खतरनाक ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के सरगना नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। 60 साल के एल मेंचो ऑपरेशन में घायल हुए और मैक्सिको सिटी ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस ऑपरेशन में खुफिया मदद दी थी। मैक्सिको सरकार ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी जीत बताया है, लेकिन एल मेंचो की मौत के बाद पूरे देश में CJNG गुट ने भयंकर बदला लिया। पुलिस अधिकारी से दुनिया के सबसे खूंखार ड्रग लॉर्ड तक का सफर
एल मेंचो का जन्म 1966 में मिचोआकान प्रांत के एक गरीब गांव में हुआ था। बचपन में खेतों में काम किया। 1980 के दशक में अवैध रूप से अमेरिका पहुंचे, जहां कैलिफोर्निया में हेरोइन तस्करी में पकड़े गए, जेल गए और फिर डिपोर्ट कर दिए गए। वापस मेक्सिको लौटकर उन्होंने कुछ समय के लिए स्थानीय पुलिस में भी नौकरी की। इसी दौरान उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, संपर्क और ऑपरेशनल ज्ञान हासिल कर लिया जो बाद में उनके अपराध साम्राज्य के लिए काम आया।

पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद वे मिलेनियो कार्टेल में शामिल हुए, जो सिनालोआ कार्टेल से जुड़ा था। 2009-2011 के आसपास मिलेनियो कार्टेल के बिखरने पर एल मेंचो ने अपनी वफादार टुकड़ियों को एकजुट किया और CJNG का गठन कर दिया। उन्होंने पुराने साथियों सहित सिनालोआ कार्टेल पर भी जंग छेड़ दी। कुछ ही सालों में CJNG मेक्सिको का सबसे ताकतवर और सबसे खूंखार कार्टेल बन गया। एल मेंचो ने मेथ, कोकीन, हेरोइन और फेंटानिल की तस्करी का विशाल नेटवर्क खड़ा किया जो मुख्य रूप से अमेरिका जाता था। अमेरिका में ओपियोइड संकट का बड़ा कारण CJNG ही माना जाता है। कार्टेल ने ईंधन चोरी, फिरौती, अपहरण, जबरन श्रम और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे धंधे भी चलाए। एल मेंचो की ताकत का राज था – आधुनिक हथियार, बख्तरबंद गाड़ियां, रॉकेट लॉन्चर और सैन्य स्टाइल के हमले। 2015 में उन्होंने एक सैन्य हेलिकॉप्टर को रॉकेट से गिरा दिया था। उसी साल छह हफ्तों में 24 पुलिसवालों को मार डाला था। 2020 में मेक्सिको सिटी के पुलिस चीफ पर हमला करवाया। उन्होंने राजनीतिक रिश्वतखोरी, चुनावी फंडिंग और यहां तक कि कोविड काल में CJNG लोगो वाले खाने के पैकेट बांटकर लोकल सपोर्ट भी हासिल किया। अमेरिका ने उन पर 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था। उनका बेटा ‘एल मेंचितो’ 2025 में अमेरिका में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पत्नी और परिवार के सदस्य भी कार्टेल के फाइनेंस नेटवर्क को संभालते थे। मौत के बाद का खूनी बवाल
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही CJNG गुट ने पूरे मेक्सिको में तांडव मचाया।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक 20 से ज्यादा राज्यों में 250 से अधिक जगहों पर गाड़ियां जलाई गईं और सड़कें ब्लॉक कर दी गईं। धुआं उठता शहर, बंद हाईवे और आतंकित लोग – सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। जलिस्को के प्यूर्टो वालार्ता एयरपोर्ट पर गोलीबारी की अफवाह से लोग भागते नजर आए। एयर कनाडा, यूनाइटेड, एरोमेक्सिको और अमेरिकन एयरलाइंस ने फ्लाइट्स सस्पेंड कर दीं। ग्वाडालाहारा, तपालपा, मिचोआकान, गुआनाजुआतो और तामाउलिपास समेत कई इलाकों में हिंसा फैली। अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 7 नेशनल गार्ड के जवान शामिल हैं। जलिस्को के गवर्नर पाब्लो लेमुस ने लोगों से घर में रहने की अपील की और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सस्पेंड कर दिया। भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने, भीड़ से दूर रहने और घर के अंदर रहने की सलाह दी। अमेरिका और कनाडा ने भी अपने नागरिकों को शेल्टर-इन-प्लेस अलर्ट जारी किया। स्कूल सोमवार को बंद रहे।

क्या होगा आगे?
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेंचो की मौत CJNG में आंतरिक कलह और सत्ता संघर्ष को जन्म दे सकती है। वहीं सरकार इसे बड़ी सफलता बता रही है, लेकिन आने वाले दिनों में और हिंसा की आशंका जताई जा रही है। एल मेंचो का सफर खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने जो खूनी साम्राज्य खड़ा किया, उसका असर मेक्सिको और अमेरिका दोनों पर लंबे समय तक रहेगा। फिलहाल पूरा देश इस घटना के बाद के खूनी परिणामों से जूझ रहा है।

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