New Delhi news रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की एक बड़ी पहल की घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही 9 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इन ट्रेनों के प्रस्तावित रूट सामने आने के बाद साफ है कि इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ पश्चिम बंगाल को मिलने जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर बताया कि घोषित 9 में से 7 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें पश्चिम बंगाल से शुरू होंगी या बंगाल होकर गुजरेंगी। इससे राज्य का सीधा रेल संपर्क उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों से मजबूत होगा। न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली और नागरकोइल तक दो लंबी दूरी की ट्रेनें पूर्वी भारत को सीधे तमिलनाडु से जोड़ेंगी। वहीं अलीपुरद्वार से एसएमवीटी बेंगलुरु और मुंबई/पनवेल तक नई सेवाएं प्रस्तावित हैं।
दिल्ली और उत्तर भारत से सीधा जुड़ाव
हावड़ा (कोलकाता) से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने से राजधानी और पूर्वी भारत के बीच तेज और सुविधाजनक संपर्क मिलेगा। इसके अलावा सियालदह-बनारस रूट से धार्मिक और सांस्कृतिक आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
पूर्वोत्तर और असम को नई कनेक्टिविटी
असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र को भी दो महत्वपूर्ण ट्रेनें मिली हैं। पहली ट्रेन कामाख्या (असम)–रोहतक (हरियाणा) के बीच चलेगी, जिससे पूर्वोत्तर का सीधा संपर्क उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से होगा। दूसरी ट्रेन डिब्रूगढ़–लखनऊ रूट पर प्रस्तावित है, जो असम को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य से जोड़ेगी।
राष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
इन नए रूटों के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। इससे न केवल लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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