ट्रैफिक सिग्नल पर मौत का तांडव
10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:50 बजे, पुरानी दिल्ली के चंदनी चौक इलाके में लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक ह्युंडई i20 कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी। अचानक जोरदार धमाका हुआ, जो इतना शक्तिशाली था कि कार के परखच्चे उड़ गए और आसपास की कम से कम आठ गाड़ियां और तीन ऑटो रिक्शा आग की लपटों में लिपट गए। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास की दुकानों और मंदिरों के शीशे चटक गए, लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागने लगे।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने बताया कि कार में अमोनियम नाइट्रेट से भरा विस्फोटक था, जो संभवतः सुसाइड बॉम्बिंग का मामला है। जांच एजेंसियों को शक है कि कार में मौजूद एक व्यक्ति ने ही विस्फोट को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह धमाका ‘समय से पहले’ हुआ, क्योंकि पुलिस की छापेमारी से घबराकर संदिग्ध ने जल्दबाजी में वारदात को अंजाम दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
एलबीजेपी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस से मिली रिपोर्ट्स ने मानवता को झकझोर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक 6 शवों की पहचान हुई है, जिनमें से 5 पर पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। लेकिन रिपोर्ट्स भयावह हैं—ज्यादातर शव बुरी तरह जले हुए हैं, चेहरों और अंगों के चीथड़े बिखरे पड़े हैं। डॉक्टर मनोज कुमार झा ने बताया, “कई शवों को पहचानना असंभव है। आग और विस्फोट की तीव्रता ने शरीरों को पूरी तरह विकृत कर दिया। कुछ मामलों में डीएनए टेस्ट ही एकमात्र रास्ता बचा है।”
एक पीड़ित के रिश्तेदार जुनैद मलिक ने बताया, “हमारे चचेरे भाई को अस्पताल में घायल बताया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम रूम पहुंचे तो पता चला कि वह नहीं बचे। वह ई-रिक्शा चलाकर गुजारा करता था। उसके शव के टुकड़े देखकर आंखें फटी की फटी रह गईं।” इसी तरह, पंकज साहनी की बहन जूली ने अपनी मां के साथ रोते हुए कहा, “भाई का शव घर लाए तो मां बेहोश हो गईं। धमाके ने सब कुछ छीन लिया।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिवारवालों के रोने-बिलखने की आवाजें साफ सुनाई दे रही हैं, जो दृश्य दिल दहला देने वाले हैं।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट आज शाम तक आने की उम्मीद है, जिसमें विस्फोटक के सैंपल और शवों के अवशेषों का मिलान होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कार के अंदर मिले अवशेषों का डीएनए टेस्ट तुरंत कराया जाए।
संदिग्धों पर शिकंजा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केस अपने हाथ में ले लिया है। अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए), एक्सप्लोसिव्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में संदिग्ध के रूप में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर का नाम सामने आया है, जो फरीदाबाद के एक अस्पताल में काम करता था। सूत्रों के अनुसार, वह जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़ा था और लाल किले के आसपास रेकी कर चुका था। कार की 11 घंटे की ट्रैवल हिस्ट्री ट्रेस की गई है—सुबह फरीदाबाद से दिल्ली पहुंची और धमाके से तीन घंटे पहले लाल किले के परिसर में खड़ी रही।
पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों—सलमान और देवेंद्र—को हिरासत में लिया है, जो पहले इस कार के मालिक रह चुके हैं। 9 नवंबर को फरीदाबाद में हुई छापेमारी में 350 किलो विस्फोटक, राइफलें और टाइमिंग डिवाइस बरामद हुए, जो इस साजिश से जुड़े हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और कहा, “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” मंत्रिमंडल सुरक्षा समिति (सीएससी) की बैठक आज हुई, जिसमें पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया।
देशव्यापी प्रभाव
धमाके के बाद दिल्ली में दहशत फैल गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन आज (12 नवंबर) भी बंद रहा, जबकि फायर सर्विस को रातभर ‘अज्ञात वाहन’ और ‘बैग’ की 5 फर्जी कॉल्स मिलीं। नेपाल बॉर्डर से सहारनपुर तक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आईं—चीन, इजरायल, मिस्र और भूटान ने शोक व्यक्त किया। भूटान के किंग ने प्रार्थना सभा बुलाई।
यह ब्लास्ट दिल्ली के इतिहास में दुर्लभ है, लेकिन पुरानी यादें ताजा कर गया—जैसे 2000 के दशक में बाजारों और बस स्टॉप पर हुए हमले। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जहां शिक्षित लोग साजिश रचते हैं।
परिवारों का दर्द: न्याय की आस
पीड़ितों में ज्यादातर मजदूर, दुकानदार और पर्यटक थे। लीलाधर विश्वकर्मा जैसे एक कुक ने बताया, “धमाका इतना जोरदार था कि छोटे-छोटे विस्फोटों ने सब कुछ तबाह कर दिया। लोग गाड़ियों के अंदर-बाहर मर गए।” परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एनआईए को जल्द ही मास्टरमाइंड्स, हैंडलर्स और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है।
दिल्ली पुलिस ने अपील की है कि कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखे तो हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें। यह घटना हमें याद दिलाती है कि शांति के दुश्मन कहीं भी छिपे हो सकते हैं, लेकिन एकजुट होकर हम उन्हें परास्त करेंगे। शहीदों को कोटि-कोटि नमन, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना।

