सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस सूर्य कांत ने पीड़िता की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा को कोर्ट के बाहर मीडिया में दिए बयानों और मीडिया ट्रायल के लिए कड़ी फटकार लगाई। CJI ने कहा, “यह मीडिया ट्रायल जो हो रहा है, ठीक नहीं है। श्री प्राचा, कोर्ट के बाहर आप जो मीडिया ट्रायल कर रहे हैं… मुझे पता है। आपका लाइसेंस मैंने बचाया था, सोचकर कि आप पेशे के प्रति सच्चे रहेंगे। अगर हमने पाया कि आप कोर्ट के बाहर इस तरह का ड्रामा कर रहे हैं, तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी चेतावनी को गंभीरता से लें। चीफ जस्टिस के तौर पर मैं यह बर्दाश्त नहीं करूंगा।” मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने आगे कहा, “आपका लाइसेंस सस्पेंड होने से मैंने एक बार बचाया था। आप इस बात को समझें कि हमारी नजर आप पर है। प्रोफेशनल गरिमा को बनाए रखिए।”
बेंच में जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजरिया भी शामिल थे। कोर्ट ने सेंगर के वकील सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि अपील लंबित रहने पर भी सजा पूरी हो सकती है, लेकिन दोनों पक्षों की अपीलें साथ-साथ सुनना न्यायसंगत होगा। पीड़िता की ओर से सजा बढ़ाने की अपील पर भी हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई का निर्देश दिया गया।

