Lucknow News: नव वर्ष के शुरुआत के साथ ही बाजार में नए कैलेंडर और पंचांग आते है। मगर साल 2026 की शुरुआत समाजवादी पार्टी ने एक अलग और राजनीतिक संदेश के साथ की है। सपा ने अपना पीडीए पंचांग 2026 जारी किया है, जिसे पार्टी की ओर से सामाजिक एकता और चेतना का प्रतीक बताया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने नए साल के मौके पर पीडीए पंचांग जारी किया है। इस पीडीए पंचांग को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और अखिल भारतीय चैरसिया महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अजय चैरसिया ने छपवाया है. इस पंचांग में पीडीए समाज के महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि को विशेष तौर पर बताया गया है।
अन्य धार्मिक पंचांग की तरह इस पीडीए पंचांग में भी अमावस पूर्णिमा व्रत त्यौहार की तिथियां दी गई है लेकिन इसमें देश के राष्ट्रीय पर्व, ऐतिहासिक दिवस के साथ-साथ सामाजिक आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दिन भी दर्ज है। सपा का मानना है यह पीडीए पंचांग समाज को अपने नायकों को याद करने और उनके विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर देता है। त्यौहार व्रत के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक महत्वपूर्ण दिनों के शामिल होने से यह पंचांग पूरी तरह से उपयोगी है और हर वर्ग के लिए लाभकारी। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव का ये दांव अगले साल होने जा रहे यूपी विधानसभा चुनाव के लिए स्टीक साबित हो सकता है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बोले
पंचांग का विमोचन करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि पीडीए समाज की एकता के लिए चेतना और अधिकारों की लड़ाई समाजवादी आंदोलन की आत्मा रही है। ऐसे में यह पंचांग समाज को उसके महापुरुषों उनके विचारों के साथ उनके संघर्षों से जोड़ने का काम करेगा। इतिहास तभी जीवित रहता है जब उसे नई पीढ़ी तक व्यवस्थित और सरल रूप से पहुंचाया जाए. समाजवादी पीडीए पंचांग 2026 इसी उद्देश्य को पूरा करता है।
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