बेटे ने की बाप की हत्या ब्लू ड्रम हत्याकांड: बेटे ने पिता को गोली मारी, ज्वेलरी चोरी का राज खुलने के बाद निगरानी से भड़का गुस्सा; सिर अभी लापता

बेटे ने की बाप की हत्या ब्लू ड्रम हत्याकांड: आशियाना इलाके में 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने 50 वर्षीय पिता मणवेंद्र प्रताप सिंह (वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक) को गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को टुकड़ों में काटा, हाथ-पैर और सिर अलग किए, टुकड़ों को सदरौना इलाके में फेंका और धड़ को नीले ड्रम में छुपा लिया। पुलिस जांच में अब दो बड़े खुलासे हुए हैं — चार महीने पहले अक्षत ने घर से जेवर चुराए थे, जिसके बाद पिता ने उस पर सख्त निगरानी शुरू कर दी थी। साथ ही बेटा पिता की चार पैथोलॉजी लैब्स और तीन शराब की दुकानों पर तुरंत कब्जा करना चाहता था, जबकि पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे।

पुलिस के मुताबिक, घटना 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे आशियाना के घर की तीसरी मंजिल पर हुई। मणवेंद्र प्रताप सिंह (जलौन जिले के मूल निवासी, पत्नी की मौत के बाद अकेले बच्चों की परवरिश कर रहे थे) ने फिर से अक्षत को NEET की तैयारी पर जोर दिया। अक्षत ने ला मार्टिनियर कॉलेज से 12वीं पास की थी, लेकिन NEET दो बार फेल हो चुका था। बहस तेज हुई तो अक्षत ने पिता की लाइसेंस्ड राइफल उठाकर सिर में गोली मार दी। छोटी बहन कृति कमरे से दौड़ी आई, लेकिन अक्षत ने उसे धमकी दे दी कि किसी को बताया तो बुरा होगा।

जेवर चोरी का राज और पिता की निगरानी
चार महीने पहले घर से कीमती जेवर गायब हो गए थे। मणवेंद्र ने पहले नौकरानी पर शक किया, पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। बाद में पता चला कि जेवर अक्षत ने ही निकाले थे। पिता ने बेटे को बचाने के लिए शिकायत वापस ले ली, लेकिन घर में बेटे पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। यही निगरानी रिश्ते में दरार बन गई। पुलिस अधिकारी ने कहा, “चोरी का मामला और उसके बाद की निगरानी ने रिश्ते को पूरी तरह खराब कर दिया। यही मुख्य वजह है।”

बिजनेस पर कब्जे की चाहत
मणवेंद्र की चार पैथोलॉजी लैब्स और तीन शराब की दुकानें थीं। अक्षत इन्हीं पर तुरंत कब्जा करना चाहता था। परिवार के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अक्षत कहता था — डॉक्टर बनने में साल लगेंगे, बिजनेस तो तैयार है, मैं अभी संभाल लूंगा।” पिता मानते थे कि पहले डिग्री ले लो, बिजनेस बाद में चलेगा। यही टकराव घातक साबित हुआ।

घटना के बाद की भयावहता
हत्या के बाद अक्षत ने शव को नीचे खींचा। पहले कार में रखकर गोमती नदी में फेंकने की योजना थी, लेकिन शव भारी था। बाजार से आरी मंगवाई, हाथ-पैर घुटनों के नीचे से काटे, सिर अलग किया (सिर अभी तक नहीं मिला)। कुछ टुकड़े सदरौना इलाके में फेंके। धड़ को नीले ड्रम में डाला। घर से 10 लीटर मिट्टी का तेल और एसिड भी बरामद हुआ — शव जलाने की तैयारी थी।

पुलिस ने कैसे पकड़ा
21 फरवरी को अक्षत खुद पिता के लापता होने की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा। दावा किया — पापा दिल्ली गए हैं, फोन स्विच ऑफ है। लेकिन पुलिस को शक हुआ। घर पहुंची तो कार के डिक्की में खून के निशान, सफाई के प्रयास और नीले ड्रम से बदबू आई। सख्त पूछताछ में अक्षत ने सब कबूल लिया। डीसीपी (सेंट्रल) विक्रांत वीर ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने ब्लडस्टेन, कार और ड्रम से सबूत जुटाए हैं। बालिस्टिक जांच भी चल रही है। अक्षत को गिरफ्तार कर लिया गया है। मणवेंद्र सिंह के पिता सुरेंद्र पाल सिंह रिटायर्ड यूपी पुलिस अधिकारी हैं और चाचा भी पुलिस में हैं। पड़ोसी बताते हैं कि अक्षत अक्सर पिता की राइफल दिखाया करता था।

ताजा अपडेट (24 फरवरी 2026 शाम तक)
सिर अभी लापता है। फोरेंसिक विश्लेषण जारी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की रिकंस्ट्रक्शन कर रही है। अक्षत पुलिस हिरासत में है। परिवार सदमे में है। यह मामला शुरू में सिर्फ NEET प्रेशर का लग रहा था, लेकिन अब जेवर चोरी, निगरानी और बिजनेस कब्जे का त्रिकोण सामने आया है। यह लखनऊ का दूसरा ऐसा भयावह पिता-बेटा हत्याकांड है जिसमें नीला ड्रम शामिल है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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