Snowfall at Hill Station: पहाड़ों पर हो रही ताज़ा बर्फ़बारी ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अपनी ओर खींच लिया है। वीकेंड और छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी, शिमला, कुल्लू और मनाली का रुख़ कर रहे हैं। लेकिन बर्फ़ की सफ़ेद चादर देखने का यह जुनून अब सैलानियों के लिए परेशानी का कारण भी बनता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव है, जिससे कई जगह लंबा जाम लग गया है और यात्रियों को घंटों गाड़ियों में फँसकर रहना पड़ रहा है। मसूरी रोड, शिमला-कालका हाईवे और मनाली की ओर जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार थम सी गई है। कुछ स्थानों पर बर्फ़ जमने और फिसलन के कारण प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। सोशल मीडिया पर पर्यटक जाम में फँसी गाड़ियों और लंबी कतारों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं।
सीधा असर होटल कारोबार पर
पर्यटकों की भारी आमद का सीधा असर होटल कारोबार पर भी दिख रहा है। मसूरी, शिमला और मनाली में होटलों के रेट अचानक कई गुना बढ़ गए हैं। सामान्य दिनों में 2 से 3 हज़ार रुपये में मिलने वाले कमरे अब 8 से 12 हज़ार रुपये तक पहुँच गए हैं, जबकि बर्फ़बारी वाले व्यू पॉइंट्स के पास स्थित होटलों और रिसॉर्ट्स में किराया इससे भी ज़्यादा बताया जा रहा है। कई सैलानी मजबूरी में महंगे दाम चुकाने को मजबूर हैं, तो कुछ को होटल न मिलने के कारण आसपास के इलाकों में रुकना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग इसे सीजन की अच्छी शुरुआत मान रहे हैं, लेकिन जाम और अव्यवस्था से पर्यटकों की परेशानी भी खुलकर सामने आ रही है।

