Small-town scam: उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों में सपनों को बेचकर लोगों की जिंदगी की कमाई लूटने का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी इलाके के 30 साल के अमित कुमार गौतम ने सेनेमी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाकर करीब 50,000 लोगों से लगभग 123 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार, यह मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) की आड़ में चिटफंड जैसा स्कीम था, जिसमें ब्यूटी प्रोडक्ट्स की खरीदारी को निवेश से जोड़ा गया था। अमित गौतम को 7 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। कंपनी की शुरुआत 2022 में हुई थी। गौतम ने सोशल मीडिया रील्स, सेमिनार, लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर और लोकल रेफरल्स के जरिए लोगों को लुभाया।
कैसे रचा गया ठगी का जाल?
अमित कुमार गौतम, जो एक मजदूर के बेटे हैं और बीकॉम पास हैं, पहले एक हेल्थ प्रोडक्ट कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर थे। उन्होंने अपनी पत्नी वंदना जोशी (जो फरार है) के साथ सेनेमी मार्ट शुरू किया। कंपनी साबुन, शैंपू, क्रीम जैसे प्रोडक्ट्स बेचती थी,
लेकिन असल खेल निवेश का था:
• 1 लाख निवेश पर 5,000 रुपये के प्रोडक्ट्स खरीदना जरूरी। 16 महीने में पैसा ढाई गुना करने का वादा।शुरुआती कुछ महीनों में रिटर्न देकर भरोसा कायम किया।
• इनाम: 10 लाख लाने पर बाइक, 30 लाख पर कार, 60 लाख पर फ्लैट।
गौतम सेमिनार में सूट-बूट में स्टेज पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन देते, बॉडीगार्ड्स रखते और इंस्टाग्राम-फेसबुक पर रील्स डालते थे। कंपनी का ऐप भी था, जहां निवेशक अपना अकाउंट ट्रैक कर सकते थे। जब निवेशकों ने दबाव बनाया तो कंपनी बंद कर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि गौतम ने पैसा क्रिप्टोकरेंसी में लगाकर गंवाने का दावा किया है, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला। ज्यादातर पैसा रियल एस्टेट में लगा लगता है।
पीड़ितों की कहानियां: सपने टूटे, जिंदगी उजड़ी
फरहाद आलम (मुजफ्फरनगर में खिलौने की दुकान चलाते हैं): 1 लाख रुपये लगाए, तीन महीने रिटर्न मिला, फिर बंद। दुकान अपग्रेड करने और बेटी की बेहतर जिंदगी का सपना टूट गया।
नवीद खान (डेंटल लैब चलाते हैं): 1.38 लाख निवेश, मुख्य शिकायतकर्ता हैं, अब परिवार को खतरा महसूस होता है।
मोहम्मद आलम (वकील): भाई के साथ 5 लाख लगाए, 1.5 लाख ही वापस मिले।
मोहम्मद आसिफ (गारमेंट शॉप ओनर): क्रेडिट कार्ड लोन लेकर निवेश किया, पत्नी ने मना किया था, लेकिन लालच में आ गए।
अजीम खान (ड्राइवर): ट्रक बेचकर 5 लाख लगाए, अब आय का सहारा खत्म। पीड़ितों में ड्राइवर, दुकानदार, वकील से लेकर गृहिणियां शामिल हैं। कई ने पत्नी के गहने बेचे या कर्ज लिया।
पुलिस कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
• गिरफ्तार: अमित गौतम, सरफराज, शादाब, सतीश शर्मा, सोनू कुमार सहित कई।
• जब्त: हरिद्वार ऑफिस से करीब 4-8 करोड़ के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और अन्य सामान।
• फरार: वंदना जोशी और 10 अन्य संदिग्ध।
• मुकदमे: मुजफ्फरनगर और हरिद्वार में कई एफआईआर दर्ज।
• कोर्ट: आरोपियों की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन।
पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ी तो जब्त संपत्ति बेचकर पीड़ितों को राहत दी जाएगी। कंपनी के वकीलों ने कहा कि मामला सिविल विवाद है और कोर्ट पर भरोसा है। यह घोटाला छोटे शहरों में आसान पैसा कमाने के लालच और डिजिटल मार्केटिंग के दुरुपयोग की मिसाल है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि हाई रिटर्न के वादों से सावधान रहें और निवेश से पहले जांच करें।

