SIR controversy in Malda: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की है। एक घटना में मालदा जिले के कालियाचक इलाके में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों (जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं) को स्थानीय लोगों ने घेर लिया और बंधक बना लिया।
घटना का विवरण
यह घटना उन मतदाताओं के विरोध के दौरान हुई, जिनके नाम लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी श्रेणी में रखकर मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। न्यायिक अधिकारी SIR प्रक्रिया के तहत दावों और आपत्तियों की सुनवाई कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, जिससे सुरक्षा की चिंता बढ़ गई। बाद में अधिकारियों को सुरक्षित निकाला गया।
सीजेआई की टिप्पणी
सीजेआई ने राज्य सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिला कलेक्टर (Collector) रात 11 बजे तक अनुपस्थित रहे। उन्होंने बंगाल प्रशासन को फटकार लगाई कि ऐसे संवेदनशील मामलों में स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई जानी चाहिए।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने इस घटना पर पश्चिम बंगाल पुलिस महानिदेशक (DGP) से रिपोर्ट मांगी है। SIR प्रक्रिया चुनाव आयोग की देखरेख में चल रही है, जिसमें मतदाता सूची की विशेष समीक्षा हो रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य में SIR को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए थे, क्योंकि राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच सहयोग की कमी बताई जा रही थी।
पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान लगभग 50 लाख से अधिक दावे और आपत्तियां लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से न्यायिक अधिकारियों (सेवारत और सेवानिवृत्त) को तैनात करने को कहा था, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। न्यायिक अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ा है, और कुछ जिलों (खासकर सीमा वाले इलाकों) में सुरक्षा की मांग भी की गई है। यह घटना SIR प्रक्रिया को लेकर चल रहे तनाव को उजागर करती है। चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच मतदाता सूची संशोधन को लेकर मतभेद पहले से ही चर्चा में हैं। फिलहाल, घटना की जांच चल रही है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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