Shri Mata Vaishno Devi Medical College’s MBBS course cancelled: न्यूनतम मानकों का उल्लंघन कारण एनएमसी ने रद्द की मान्यता, छात्रों को अन्य कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा

Shri Mata Vaishno Devi Medical College’s MBBS course cancelled: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) की एमबीबीएस कोर्स चलाने की अनुमति (लेटर ऑफ परमिशन- LoP) रद्द कर दी है। यह फैसला 6 जनवरी 2026 को लिया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। आयोग ने सरप्राइज इंस्पेक्शन में न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन को इसका कारण बताया गया है।

2025-26 सत्र के लिए कॉलेज को 50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति दी गई थी, जिसमें मेरिट के आधार पर 42 से 46 मुस्लिम छात्रों (विभिन्न रिपोर्ट्स में संख्या भिन्न) का चयन हुआ था। इसको लेकर हिंदू संगठनों और भाजपा समर्थित प्रदर्शनों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हिंदू तीर्थयात्रियों की दान राशि से चलने वाले कॉलेज में मुस्लिम छात्रों का अधिक प्रवेश अनुचित है।

एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने कई शिकायतों के बाद सरप्राइज निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर कमियां पाई गईं। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह फैसला गुणवत्ता बनाए रखने के लिए है। छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पहले से दाखिला ले चुके छात्रों को संघीय क्षेत्र के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपरन्यूमेररी (अतिरिक्त) सीटों पर समायोजित किया जाए, ताकि किसी का सत्र प्रभावित न हो।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
• भाजपा ने फैसले का स्वागत किया है। पार्टी नेता और विधायक आरएस पठानिया ने इसे “गुणवत्ता पर मात्रा को प्राथमिकता” करार दिया और कहा कि यह चिकित्सा शिक्षा के मानकों की रक्षा करता है। भाजपा का कहना है कि यह निर्णय मानकों की पुष्टि करता है।
• जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले इस विवाद पर धर्म के आधार पर दाखिले रद्द करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि दाखिला मेरिट पर होता है और धर्म को इसमें घसीटना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन होगा। कॉलेज को यदि अल्पसंख्यक दर्जा चाहिए तो सरकारी अनुदान और सुविधाएं छोड़नी होंगी। हालांकि, अनुमति रद्द होने पर उनकी नई प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।

पृष्ठभूमि
कॉलेज श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़ा है और हिंदू श्रद्धालुओं की दान राशि से संचालित होता है। पिछले महीने से श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति सहित कई हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। एनईईटी के आधार पर चयनित सूची जारी होने के बाद विवाद बढ़ गया था और थमने का नाम नहीं ले रहा था।
वर्तमान में छात्रों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है और इलाके में स्थिति शांत बताई जा रही है।

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