Shiromani Akali Dal: सुप्रीम कोर्ट ने बिक्रम सिंह माजिठिया को 700 करोड़ रुपये के असंगत संपत्ति मामले में जमानत दी

Shiromani Akali Dal: सुप्रीम कोर्ट ने आज शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह माजिठिया को असंगत संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनेट एसेट्स) मामले में जमानत दे दी। यह मामला कथित रूप से 540 से 700 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति से जुड़ा है, जिसमें ड्रग कार्टेल से प्राप्त धन की लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं।

माजिठिया को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह पटियाला की नाभा जेल में बंद थे—करीब सात महीनों से। जांच एजेंसी का आरोप है कि माजिठिया और उनकी पत्नी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जो अवैध गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही है। विजिलेंस ने इस मामले में हजारों पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें उनके कॉर्पोरेट होल्डिंग्स और बैंक ट्रांजेक्शंस की जांच के आधार पर आरोप लगाए गए।
इससे पहले मोहाली की सेशन कोर्ट (अगस्त 2025 में) और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने माजिठिया की नियमित जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी थी, और आज जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर ली। कुछ रिपोर्ट्स में जेल में जान का खतरा होने का हवाला भी दिया गया है, जिसे कोर्ट ने विचार में लिया हो सकता है।

शिअद ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था, जबकि विजिलेंस ब्यूरो ने इसे ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर गंभीर मामला करार दिया। डेरा ब्यास प्रमुख की जेल में माजिठिया से मुलाकात की खबरें भी सामने आई थीं, जिसमें पार्टी ने उनके जीवन को खतरा बताया था।

जमानत की शर्तों का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। यह एक विकासशील खबर है, और मामले में आगे की अपडेट्स का इंतजार रहेगा।

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