Sadhvi Prem Baisa death case: इंजेक्शन के बाद बेहोश हुईं, अस्पताल में ‘ब्रॉट डेड’ घोषित – पिता बोले ‘पापा मुझे न्याय दिलाओ’, SIT को अब तक कोई ठोस सबूत नहीं

Sadhvi Prem Baisa death case: राजस्थान के जोधपुर में मशहूर कथावाचक और आध्यात्मिक प्रवक्ता साध्वी प्रेम बैसा (उम्र 25 साल) की संदिग्ध मौत का मामला अब भी अनसुलझा है। 28 जनवरी 2026 को पाल रोड स्थित उनके आश्रम में गले में खराश और जुकाम के इलाज के लिए कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने इंजेक्शन लगाया था, जिसके कुछ देर बाद ही साध्वी बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।

परिवार और अस्पताल के बयानों में बड़ा विरोधाभास
परिवार का दावा है कि साध्वी की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जबकि मेडिकल रिकॉर्ड्स में दर्ज है कि वे अस्पताल पहुंचते ही मृत थीं। साध्वी के पिता महंत वीरमनाथ ने एक कार्यक्रम में बताया कि आखिरी पलों में साध्वी ने कहा था – “पापा, मुझे न्याय दिलाओ।” पिता ने गहरी साजिश का आरोप लगाया है और कंपाउंडर की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण नहीं पता चला
सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया, लेकिन रिपोर्ट में मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका। विसरा (आंतरिक अंगों के सैंपल) को केमिकल जांच के लिए भेजा गया है। SIT ने अब तक 35 सैंपल्स फोरेंसिक और DNA जांच के लिए भेजे हैं, जिसमें वैजाइनल स्वैब भी शामिल है – जिससे यौन उत्पीड़न की आशंका पर भी चर्चा हो रही है। डेक्सोना और डाइनापार जैसी दवाओं के रिएक्शन या जहर देने की संभावना पर जांच चल रही है।

जांच के नए अपडेट
• स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने घटना का सीन रीक्रिएट किया और कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आश्रम में मौजूद करीब 10 लोगों से बयान लिए गए, नार्को टेस्ट की भी तैयारी है। मौत के बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक रहस्यमयी पोस्ट हुई, जिसे उनके हैंडलर ने पिता के कहने पर पोस्ट किया बताया। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। जुलाई 2025 का एक वायरल वीडियो भी चर्चा में है, जिसे साध्वी ने ब्लैकमेल के लिए मोर्फ्ड बताया था।

साजिश या मेडिकल लापरवाही?
समर्थक और परिवार इसे साध्वी की बढ़ती लोकप्रियता के कारण साजिश बता रहे हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स मेडिकल नेग्लिजेंस या इंजेक्शन रिएक्शन की ओर इशारा कर रही हैं। कंपाउंडर ने दावा किया कि उसने डॉक्टर की पर्ची पर ही इंजेक्शन लगाया, लेकिन पर्ची की जांच जारी है।

10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन SIT को अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। फोरेंसिक रिपोर्ट और विसरा एनालिसिस का इंतजार है, जो मामले की दिशा तय करेगा। अनुयायी न्याय की मांग कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForPremBaisa ट्रेंड कर रहा है।

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